समस्या:गोगुंदा टोल पर बेतरतीब खड़े बड़े वाहनों से परेशानी, ग्रामीणों ने टोल प्रबंधन पर मिलीभगत का आरोप लगाया

उदयपुर6 महीने पहले
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  • टोल पर खड़े वाहनों की वजह से पिछले 1 साल में 20 दुर्घटनाएं, 4 की मौत हुई
  • आस-पास के गांवों के लोग टोल प्रबंधन और प्रशासन तक कर चुके हैं शिकायत

कस्बे के नेशनल हाईवे 27 पर स्थित टोल प्लाजा के 500 मीटर के दायरे में बेतरतीब खड़े बड़े वाहनों से पिछले एक साल में 20 से अधिक छोटी-बड़ी गंभीर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें 4 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी लापरवाह हाईवे मेंटिनेंस कंपनी और टोल प्रबंधन आज तक इन बड़े वाहनों को नहीं हटवा पाया है।

टोल प्लाजा के एक किमी के दायरे में गोगुंदा, मजावड़ी, सेमटाल सहित ओबरा के दर्जनों लोग इन खड़े वाहनों की शिकायत टोल प्रबंधन से लेकर प्रशासन तक कर चुके हैं, लेकिन किसी भी जिम्मेदार पर इसका कोई असर नहीं हुआ है। यहां 2020 की फरवरी में 2, मार्च व जुलाई में 1-1 मौत हो चुकी है, लेकिन जिम्मेदारों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।

सड़क पार करते समय दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है

मजावड़ी निवासी बंशी लाल प्रजापत ने बताया कि टोल के पास से गांव के लिए रास्ता है, लेकिन टोल की एक तरफ की करीब चार लाइनों तक के सामने बड़े ट्रेलर खड़े रहते हैं, जिससे सामने से आने वाले वाहन नहीं दिखते हैं। सड़क पार करते समय दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। खाखड़ी निवासी गणेश लाल तेली ने भी कहा कि रोड के बीच ट्रोले खड़े होने से टकराने का खतरा रहता है।

मैं भी कई बार टकराते हुए बचा हूं। यही बात कही। पंचायत समिति सदस्य अभिमन्यु सिंह झाला ने बताया कि लोगों की कई बार शिकायत आई है। बीच राह में मिलीभगत से बड़े वाहन खड़े कर लोगों से बदतमीजी करते हैं। मजावड़ी व सेमटाल जाने के लिए रास्ता पूरा ब्लॉक कर रखा है। साथ ही टोल के साइड में ओवरब्रिज भी बन्द रहते हैं। कई दुर्घटना हो चुकी हैं। लोगों की शिकायत पर टोल प्रशासन व थानाधिकारी से बात करूंगा ताकि लोगों को परेशानी ना हो।

वाहन हटाने की जिम्मेदारी टोल की : हाईवे मेंटेनेंस कंपनी

  • टोल के दोनों साइडों में 250-250 मीटर में कोई वाहन खड़े नहीं रह सकते हैं। इनको हटाने की जिम्मेदारी टोल प्रबंधन की रहती है। - केशव सिंह सोलंकी, मैनेजर, हाईवे मेंटेनेंस कंपनी।
  • टोल प्रबंधन की कोई जिम्मेदारी नहीं है। दुर्घटना हो या मौतें हो हम क्या कर सकते हैं। हमारे पास कोई गाइडलाइन नहीं है। आप जो भी कार्रवाई करना चाहे कर लेना। - संदीप चौधरी, टोल प्रबंधक, गोगुंदा
  • लोगों की शिकायत मिली है। टोल प्रबंधक को जानकारी दी है। 3 दिनों में वाहनों को नहीं हटाया, तो उच्चाधिकारियों से बात करेंगे। फिर भी बात नहीं बनी प्रदर्शन करेंगे। - सुंदर देवी, प्रधान, गोगुंदा
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