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शुद्ध पानी के लिए युद्ध:उदयपुर में दूषित पानी की सप्लाई के बाद लाइनमैन से भिड़ी महिलाएं, कहा- तुम्हारी वजह से गटर का पानी पीने को मजबूर

उदयपुर3 महीने पहले
जलदाय विभाग के लाइनमैन से लड़ती ग्रामीण महिलाएं।

उदयपुर में तापमान बढ़ने के साथ ही पेयजल किल्लत की समस्या भी बढ़ने लगी है। शहर से सटे बेदला गांव में पीने के पानी के लिए ग्रामीणों को दर दर की ठोकर खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार को जलदाय विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस दौरान ग्रामीण महिलाओं ने जलदाय विभाग के लाइनमैन को घेर लिया और जमकर खरी-खोटी सुनाई। जिसके बाद मौके पर पहुंचे स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने समझाइश कर मामला शांत करवाया।

जलदाय विभाग के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा।
जलदाय विभाग के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा।

बेदला की रहने वाली लीला डांगी ने कहा कि लंबे समय से जलदाय विभाग पेयजल आपूर्ति नहीं कर पा रहा है। विभाग द्वारा कुछ वक्त के लिए पानी की लाइन शुरू की जाती है, लेकिन उसमें भी गटर का दूषित पानी आ रहा है। जो न पीने योग्य है और न ही किसी और काम के उपयोगी। इस कारण अब कोरोना संक्रमण के इस दौर में हमें दूर दराज से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसके लिए सिर्फ जलदाय विभाग के अधिकारी जिम्मेदार हैं। जो इस विकट परिस्थिति में भी हमारी सुनवाई नहीं कर रहे।

दूषित पानी को लेकर विरोध करते ग्रामीण।
दूषित पानी को लेकर विरोध करते ग्रामीण।

बेदला में पेयजल आपूर्ति को लेकर बढ़ते विरोध के बाद बड़गांव उप प्रधान प्रताप सिंह राठौड़ भी मौके पर पहुंचे और समझाइश कर मामला शांत करवाया। उपप्रधान राठौड़ ने बताया कि पिछले लंबे समय से स्थानीय निवासी पानी की किल्लत को लेकर परेशान है। जिसकी शिकायत जलदाय विभाग के जेईएन दिव्या बंसल से लेकर आला अधिकारियों तक की गई है। बावजूद इसके अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही। जिसकी वजह से बेदला के बाशिंदों को गर्मी में दर दर की ठोकर खाने को मजबूर हो रहे हैं।