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मानसून:जयसमंद में 24 घंटे में 161 एमएम बारिश, झील में आया 8 इंच पानी, ढीकवास सोम नदी पर स्थित दो नदी बांध छलका

जयसमंद10 महीने पहले
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  • साढ़े 27 फीट भराव क्षमता वाली जयसमंद झील को ओवरफ्लो होने में 2.56 मीटर पानी की आवश्यकता

जयसमंद में बीते 24 घंटे में 161 एमएम बारिश दर्ज की गई। जयसमंद क्षेत्र में बुधवार रात जमकर बारिश हुई। बारिश का दौर गुरुवार शाम तक रिमझिम एवं बूंदाबांदी के रूप में चलता रहा। कनिष्ठ अभियंता भावेश पाटीदार ने बताया कि गुरुवार सुबह तक जयसमंद में सर्वाधिक 161 एमएम बारिश हुई, वहीं झील में 8 इंच पानी आया। साढ़े 27 फीट भराव क्षमता वाली झील को ओवरफ्लो होने में 2.56 मीटर पानी की आवश्यकता है।

हालांकि अभी तक झील में आने वाली नदियों में पानी नहीं आया है। जानकारी के अनुसार झील में गुरुवार सुबह तक आसपास के छोटे नालों, पहाड़ों से पानी झील में आया है। तेज बारिश के कारण कस्बे में चारों तरफ पानी भरने से व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

क्षेत्र के बंबोरा में गुरुवार को बारिश हुई। आस पास के क्षेत्र फिला, गुड़ली, रावतपुरा, रतनपुरा, भींडर चौराहा, आवरा, उथरदा, सोमाखेडा, केडिया में सुबह से बारिश शुरू हुई, जिससे नदी-नालों में पानी की आवक हुई।

लसाड़िया में दूसरे दिन भी एक इंच बारिश, कई एनीकट ओवरफ्लो हुए

उपखंड मुख्यालय पर बुधवार रात से गुरुवार सुबह 5 से 6.15 बजे तक मूसलाधार, रिमझिम बारिश का दौर चला। इससे सड़कों पर आधा फीट तक पानी बहने लगा। उपखंड क्षेत्र के करनागढ़ एनीकट, होली वाला एनीकट, दौड़ आवेला एनीकट, दावड़ा बेला एनीकट ओवरफ्लो हो गए।

तहसील बाढ नियंत्रण कक्ष प्रभारी ऑफिस कानूनगो भेरूलाल प्रजापत के अनुसार गुरुवार शाम तक एक इंच बारिश दर्ज की गई। देर शाम तक मध्यम से रिमझिम बारिश होती रही। तहसील क्षेत्र के केलवा, कूण, बलीचा, मातावेली, प्रतापगढ़ की भागल, ओवरा, चित्तौड़िया, धामनिया, घाटा में मानसून की दूसरी और अच्छी बारिश बारिश हुई। इससे जलाशयों में पानी की आवक शुरू हो गई है।

मुख्यालय सहित आसपास के गांवों में गुरुवार को दिनभर बारिश का दौर चला। तड़के करीब 5 बजे से बारिश शुरू हुई, जो सुबह 10 बजे तक चली। इसके बाद रुक-रुक कर हल्की व तेज बारिश का दौर देर शाम तक जारी रहा। इससे सरणी नदी में पानी की आवक हुई और बहाव तेज हो गया। नगर के गांधी चौक, होली चौक, नगारची गली सहित कई बाजारों में पानी भर गया। इधर, पूरे दिन सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए। कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार को इस साल की अब तक की अच्छी बारिश हुई। इससे किसानों सहित ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे। गुरुवार सुबह से बरसात का दौर शुरू हुआ, जो कभी मूसलाधार तो कभी मध्यम के रूप में दोपहर तीन बजे तक जारी रही। लूणदा के अलावा अमरपुरा जागीर, संग्रामपुरा, धाकड़ों का खेड़ा, भावपुरा, आम्बा का कुआं आदि स्थानों पर अच्छी बरसात हुई। केरेश्वर महादेव की गोमती नदी, एनिकट, नाले अभी भी खाली हैं।

कस्बे, आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार दिनभर हल्की-तेज बारिश का दौर चला। सुबह 7 बजे से बारिश शुरू हुई, जो दिनभर जारी रही। सहायक कृषि अधिकारी मदनसिंह शक्तावत ने बताया कि गुरुवार को 16 मिमी बारिश दर्ज की गई। अब तक 339 मिमी बारिश हो चुकी है।

कस्बे सहित आस-पास के गांवों में गुरुवार सुबह घंटे भर तक मूसलाधार बारिश के बाद दिन भर रुक-रुक कर कभी तेज तो कभी हल्की फुहारें गिरती रहीं। जानकारी के अनुसार गुरुवार को अल सुबह ढीकवास सोम नदी पर स्थित दो नदी बांध छलक गया व बांध पर चादर चलने लगी एवं सोम नदी में भी पानी का बहाव शुरू हो गया। क्षेत्र के कई नदी, नालों में पानी की आवक होने के साथ ही एनीकट छलक गए। कस्बे और आसपास के गांवों में बुधवार रात नौ बजे से गुरुवार दिन के एक बजे तक लगातार बारिश का दौर जारी रहा। सुबह करीब साढ़े सात बजे से एक घंटे तक बडावली, मल्लाडा, ढाणी, गोपालपुर, मीणवडा, थडा, अदकालिया, आजादपुरा, गुड, बरोड़ा, नोली, खीरावाडा, डगार, ईंटाली गांव और इंटालीपाल में मूसलाधार बारिश से किसान सहित लोगों के चेहरे खिले गए। घासा। गांव में दूसरे दिन भी रिमझिम बारिश का दौर चला। सुबह 7 बजे से रिमझिम का दौर शुरू हुआ, जो दोपहर 2 बजे तक जारी रहा।

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