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कोरोना टेस्ट का टेस्ट:1 अप्रैल से 6 जून तक आरटीपीसीआर टेस्ट में 21 फीसदी और रैपिड एंटीजन टेस्ट

प्रतापगढ़7 दिन पहले
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  • कोरोना की दूसरी लहर में शुरू हुए थे रैपिड एंटीजन टेस्ट, इसकी तुलना में आरटीपीसीआर जांच में तीन गुना अधिक संक्रमित मिल रहे

जिले में कोरोना के दो तरह के टेस्ट किए जा रहे हैं। इसमें एक है आरटीपीसीआर और दूसरा है रैपिड एंटीजन टेस्ट। कोरोना की दूसरी लहर की बात की जाए तो इसमें 1 अप्रैल से लेकर 6 जून तक आरटीपीसीआर के तहत 32729 कोरोना सैंपल लिए गए। इनमें से 6741 पॉजिटिव मिले। ऐसे में संक्रमण की दर करीब 20.59% रही। जबकि इसी समयावधि में 2739 रैपिड एंटीजन टेस्ट हुए और इनमें से केवल 209 लोग ही कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। रैपिड एंटीजन टेस्ट की अब तक की रिपोर्ट के अनुसार कुल 7.63 प्रतिशत लोग संक्रमित पाए गए हैं।

ऐसे में रैपिड एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट को लेकर सवाल उठना जायज है। सरकार के निर्देश के बाद चिकित्सा विभाग ने कोरोना की दूसरी लहर में रैपिड एंटीजन टेस्ट की रफ्तार काफी तेज कर दी थी। रैपिड टेस्ट के नतीजे केवल 15 मिनट में ही सामने आ जाता है, जबकि आरटीपीसीआर के नतीजे आने में 1 से 2 दिन का वक्त लग जाता है। हालांकि इसकी विश्वसनीयता कुछ हद तक आरटीपीसीआर के मुकाबले कम रहती है, लेकिन इसे भी कोरोना जांच के लिए पुख्ता तरीका माना जाता है। दूसरी तरफ अब कोरोना संक्रमण की रफ्तार भी जिले में काफी हद तक थम चुकी है, रविवार को भी जिले में केवल 8 नए पॉजिटिव ही मिले।

रैपिड टेस्ट और आरटीपीसीआर टेस्ट दोनों की क्वालिटी अलग-अलग है, इसको कंपेयर नहीं किया जा सकता। जैसे की जीप और कार को कंपेयर नहीं कर सकते। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि यह टेस्ट भरोसेमंद है और यह नहीं है। रैपिड जल्दी परिणाम देता है। पॉजिटिविटी की रेट का अंतर आंकड़ों पर निर्भर करता है।
डॉ. ओपी दायमा, पीएमओ, प्रतापगढ़।

कोरोना के 14 महीने की बात की जाए तो दोनों टेस्ट की स्थिति बराबर

अगर कोरोना के मार्च 2020 से लेकर जून 2021 तक पूरे समय की बात की जाए ताे अब तक के आए नतीजों में प्रतापगढ़ जिले में दोनों ही टेस्ट में संक्रमित मिले लोगों का प्रतिशत 8 से नीचे है। आरटीपीसीआर से अब तक जिले में 1 लाख 3156 टेस्ट किए जा चुके हैं और इनमें से 7.95% लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। यानी कि अब तक 8202 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जबकि 2739 रैपिड एंटीजन टेस्ट हुए हैं और इनमें से केवल 209 लोग ही कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। रैपिड एंटीजन टेस्ट की अब तक की रिपोर्ट के अनुसार कुल 7.63 प्रतिशत लोग संक्रमित पाए गए हैं।

रैपिड टेस्ट में 15 मिनट में रिजल्ट आने से इलाज जल्दी शुरू कर सकते हैं

रैपिड एंटीजन टेस्ट जैसा कि नाम से ही पता चलता है कि इसका सबसे बड़ा फायदा है नतीजे 15 मिनट में ही आ जाता है और घर पर ही कोरोना का टेस्ट किया जा सकता है। इस टेस्ट के लिए नाक में एक पतली नली से सैंपल लिया जाता है। नाक से लिए गए उस लिक्विड को टेस्ट किट में डाला जाता है। ये किट थोड़ी ही देर में बता देता है कि जिसका सैंपल डाला गया है, वो कोरोना वायरस से संक्रमित है कि नहीं।

ये किट उसी तरह है, जैसे प्रेग्नेंसी टेस्ट किट होती है। सैंपल डालने के बाद अगर 2 रेड लाइन आती है तो इसका मतलब है कि कोरोना पॉजिटिव है।

एक लाइन आती है तो वो कोरोना निगेटिव है। जो भी व्यक्ति इस टेस्ट के माध्यम से पॉजिटिव पाया जाता है, उसका इलाज तुरंत शुरू हो जाता है। उस टेस्ट की पॉजिटिव रिपोर्ट को पुख्ता माना जाता है। लेकिन किसी का टेस्ट नेगेटिव आया है और उसमें कोरोना के लक्षण हैं तो फिर उसका आरटीपीसीआर टेस्ट किया जाता है। अब तक किट का उपयोग कंटेनमेंट जोन या हॉटस्पॉट्स और हेल्थकेयर सेटिंग्स में किया जा रहा है। आईसीएमआर ने सलाह दी है कि परीक्षण मेडिकल सुपरविजन के तहत किया जाए और किट का तापमान 2 से 30 डिग्री सेल्सियस बनाए रखना होगा।

प्रतापगढ़ में 5 और छोटीसादड़ी में 3 नए पॉजिटिव आए
रविवार को जिले में केवल 8 नए मरीज मिले। इनमें प्रतापगढ़ में 5 और छोटीसादड़ी में तीन नए पॉजिटिव आए हैं। प्रतापगढ़ शहर, धरियावद, अरनोद और पीपलखूंट में कोई भी नया मामला सामने नहीं आया। 23 मई के बाद से जिले में कोरोना की स्थिति यह है कि केवल 20 से 30 के बीच ही नए मरीज रोजाना मिल रहे हैं। जबकि 13 मई से लगातार कोरोना संक्रमण 100 से नीचे जाता रहा है।

केवल 24 मई को 134 मरीज जिले में मिले थे। इसके बाद नए मरीज मिलने का सिलसिला 15 हुआ और अब यह संख्या 10 के करीब आ गई है। जिले में कुल 57 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। वर्तमान में केवल 146 केस ही एक्टिव हैं। जिनमें से 33 का उपचार कोविड हॉस्पिटल में चल रहा है।

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