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अफीम तौल:दो केंद्रों पर पहले दिन 299 किसानों की 1824 किलो 500 ग्राम अफीम की तुलाई

प्रतापगढ़13 दिन पहले
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  • गेट पर किसानों की स्क्रीनिंग की, हाथों को सेनिटाइज कराया, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग भूले

नारकोटिक्स विभाग की ओर से बुधवार से जिला मुख्यालय तथा छोटीसादड़ी दो केंद्रों पर अफीम की तुलाई का कार्य शुरू किया गया। पहले दिन दोनों ही केंद्रों पर 160-160 किसानों को बुलाया गया। इस प्रकार कुल 320 किसानों की अफीम की तुलाई की जानी थी। इसमें से छोटीसादड़ी में 139 किसानों की 10 क्विंटल 500 ग्राम अफीम तुली वहीं प्रतापगढ़ में 160 किसानों की 8 क्विंटल 24 किलो अफीम की तुलाई की गई।

अफीम तुलाई से पूर्व संबंधित किसान से उसकी ऊपज का सैंपल लिया गया, जिसकी जांच के बाद अफीम की तुलाई ओवन मशीन से की गई। बुधवार को पहले दिन जिला मुख्यालय के तुलसी रिसोर्ट केंद्र पर सांवर माता का खेड़ा, खड़खड़ा दोराना, उच्छमानिया, खोरिया, बिल्लाखेड़ा, सेमलखेडी, चमनपुरा और कुुलथाना के किसानों को बुलाया गया था। इसमें प्रथम पारी सुबह 6 से दोपहर 12 बजे तक 80 तथा द्वितीय पारी दोपहर 12 से शाम 6 बजे तक में भी 80 किसानों को बुलाया गया। रिसोर्ट के प्रवेश द्वार पर ही किसानों को मास्क लगाने के बाद ही प्रवेश दिया गया।

इसके बाद पास ही लगे काउंटर पर प्रत्येक किसान की स्क्रीनिंग की और हाथों को सेनिटाइज कराया गया। इसके बाद किसानों ने अपने साथ लाए बर्तन में से विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई टंकियों में अफीम को भरा। काला सोना कहलाने वाली तथा काफी महंगी फसल होने के चलते स्थिति यह थी कि किसानों ने अफीम भरते समय रत्तीभर अफीम भी अपने बर्तनों में नहीं छोड़ी और हाथों से पूरी ताकत से समेटकर बर्तनों में भरा। अफीम तुलाई केंद्र परिसर को नारकोटिक्स विभाग की ओर से सीसीटीवी कैमरों की जद में रखा गया ताकि किसी भी प्रकार की समस्या आने या गफलत होने पर उसका तत्काल निराकरण किया जा सके। वहीं किसानों को छाया और पानी के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे।

पिछली बार केवल 4 प्रतिशत मार्फिन के नियम पर पट्टे मिलने से किसानों को हुआ था फायदा : इस बार प्रतापगढ़ जिले में पिछले साल के मुकाबले अफीम कृषकों को कम पट्टे जारी किए गए। इसके पीछे बड़ी वजह नई अफीम नीति रही। पिछली बार जहां न्यूनतम केवल 4 प्रतिशत मार्फिन के नियम पर ही किसानों को पट्टे जारी कर दिए गए थे वहीं इस बार 4.2 प्रतिशत मार्फिन की गाढ्यता का नियम किसानों के लिए बड़ी बाधा बना।

पिछली बार से 169 किसान कम
प्रतापगढ़ जिले को अफीम के मामले में दो खंडों में बांटा गया है। इनमें पहला खंड प्रतापगढ़ का है जबकि दूसरा खंड छोटीसादड़ी है। अगर वर्ष 2019-20 की बात की जाए तो प्रतापगढ़ में कुल 4293 किसानों को अफीम के पट्टे जारी किए गए थे। जबकि इस बार 4150 किसानों को ही अफीम के पट्टे दिए गए हैं। ऐसे में यहां पर पिछले वर्ष के मुकाबले 143 किसानों के पट्टे कट चुके हैं। कुछ ऐसा हीहाल छोटीसादड़ी भाग का भी है। हालांकि यहां पर पट्टे कटने वाले किसानों की संख्या प्रतापगढ़ के मुकाबले काफी कम है।

छोटीसादड़ी खंड में वर्ष 2019-20 में जहां 3645 किसानों को अफीम के लाइसेंस दिए गए थे वहीं वर्ष 2020-21 में 3916 किसानों को ही लाइसेंस जारी किए गए हैं। ऐसे में यहां पर पिछले वर्ष के मुकाबले कुल 26 किसानों के पट्टे कटे हैं। अगर पूरे जिले की तुलनात्मक स्थिति की बात की जाए तो पिछले वर्ष जहां 7938 किसानों को अफीम के लाइसेंस मिले थे, वहीं इस बार यह संख्या 7769 है। इस वजह से गत वर्ष की तुलना में 169 किसान कम हुए हैं।

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