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धोखाधड़ी का मामला:जिला परिषद में नौकरी लगवाने के नाम पर दो भाइयों से 4 लाख ठगे, दो आरोपी गिरफ्तार

कोटड़ाएक महीने पहले
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  • आरोपियों ने जयपुर सचिवालय ले जाकर फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भी दे दिए थे

सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर दो भाइयों को फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर 4 लाख रुपए हड़पने के मामले में बेकरिया पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थानाधिकारी शंकरलाल राव ने बताया कि मामले में अलवर के पाडाकट्टी घाटी निवासी राजेश बड़गुर्जर पुत्र चैन्याराम को अलवर और राणाराम पुत्र सापाराम गरासिया को उदयपुर से गिरफ्तार किया। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है। प्रार्थी सायरा निवासी सुरेश पुत्र ताराचंद प्रजापति ने 10 दिसंबर 2020 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपियों ने उदयपुर जिला परिषद में नौकरी लगवाने के नाम पर राजेश ने पहले तो एक लाख रुपए का चेक लिया। उसके बाद टुकड़ों में 80 हजार रुपए नकद लिए। उसके बाद एक लाख रुपए गोगुंदा बैंक के दिए खाते में जमा करवाए। उसके बाद राजेश ने जयपुर सचिवालय चलने को कहा। वह और उसका चचेरा भाई कमलेश आरोपी के साथ 30 जुलाई 19 को जयपुर सचिवालय गए। जहां राजेश ने एक ऑफिस के बाहर बैठा दिया और कहा कि वो अंदर साहब से बात करके आता हूं।

कुछ देर में वो एक कागज लेकर बाहर आया, जिस पर ग्रामीण विकास एवं पंचायतिराज विभाग लिखा हुआ था। उस पत्र पर दोनों भाई और एक अन्य महिला का नाम लिखा था। राजेश ने कहा कि काम हो गया है, बस उदयपुर जिला परिषद में दस्तावेज जमा करवाने हैं। उस दौरान राजेश ने सुरेश व कमलेश से शिक्षा संबंधित दस्तावेज, आधार, पेन कार्ड ले लिया और कहा कि साहब को और राशि देनी है। वहां राजेश ने 50 हजार रुपए लिए। कलेक्टर कार्यालय पर 30 हजार रुपए लिए। इस तरह से अलग-अलग समय में करीब 4 लाख रुपए दोनों भाइयों से ऐंठ लिए।

सुरेश प्रजापति ने बताया कि 2019 में उसकी राणाराम गरासिया व पाड़ा निवासी राजेश से कोटड़ा में पहचान हुई। ये कोटड़ा क्षेत्र में एनजीओ और स्कूल चलाने का काम करते थे। राणाराम गरासिया राजेश के वहां खाना बनाने का कार्य करता था। उसने भाई कमलेश को राजेश से मिलवाया। राजेश ने कमलेश से कहा कि उसकी सचिवालय में अच्छी पहचान है और जिला परिषद में वेकेंसी होना बताते हुए कहा जिला परिषद में नौकरी लगवा देगा। आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ठग लिया।

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