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भंवर माता का एनीकट छलका:छोटीसादड़ी में 60, प्रतापगढ़ में 40, पीपलखूंट में 39, धरियावद में 31 एमएम हुई बरसात

प्रतापगढ़15 दिन पहले
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  • संडे बना फंडे -जिले में औसत बारिश 978 एमएम के मुकाबले अब तक 763 एमएम बारिश हो चुकी

सावन बीतने के बाद भादाै में जिले में मानसून पूरा मेहरबान दिखाई दे रहा है। लगातार चौथे दिन भी बरसात का यह दौर चलता रहा। हालांकि प्रतापगढ़ क्षेत्र में बारिश का असर चौथे दिन कमजोर पड़ गया। लेकिन छोटीसादड़ी में जमकर बरसात हुई और इसके चलते जिले के छोटीसादड़ी उपखंड क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ भंवरमाता मंदिर के पास स्थित एनीकट इस मानसून के सीजन में पहली बार छलक पड़ा। इसका आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पर पहुंचे और फोटो खिंचवाने के साथ ही पानी में अठखेलियां की।

2 दिन पहले ही भंवर माता मंदिर का 70 फीट ऊंचा जलप्रपात भी पहली बार सीजन में चल पड़ा था। लेकिन तेज बारिश होने के चलते यहां पर पर्यटक उस दिन पहुंच नहीं पाए थे। चारों ओर पहाड़ों की श्रृंखलाओं से गिरे भंवर माता मंदिर और यहां के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए अब श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका। मानसून के समय जाखम बांध के साथ ही भंवर माता क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं। 70 फीट की ऊंचाई से गिरने वाला यह झरना लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है। इस बार भी बारिश की कमी के चलते झरने की बहने की उम्मीद कम ही थी। लेकिन पिछले 4 दिनों में हुई मूसलाधार बारिश के चलते यह झरना पुरे वेग से साथ बहना शुरू हो गया।

दिन में बारिश नहीं, लेकिन दिन का तापमान फिर भी 2 डिग्री कम होकर 30 पर आया

मौसम विभाग के अनुसार रविवार को दिन का तापमान 32 डिग्री से घटकर 30 डिग्री तथा रात्रि का तापमान 23.5 डिग्री होना दर्ज किया। प्रतापगढ़ में सुबह करीब 10:00 बजे तक बरसात का दौर चला लेकिन इसके बाद तेज धूप खिल गई और आसमान साफ हो गया। दिन में गर्मी और उमस का एहसास भी बना रहा।

अब तक प्रतापगढ़ में सबसे ज्यादा 1124 एमएम बारिश

जिले में लगातार 4 दिन से बरसात चल रही है। रविवार को छोटीसादड़ी में सबसे ज्यादा 60, प्रतापगढ़ में 40, पीपलखूंट में 39, धरियावद में 31 एमएम, जबकि अरनोद में 23 एमएम बरसात हुई। अब तक इस मानसून में सबसे अधिक बरसात प्रतापगढ़ क्षेत्र में 1124 एमएम हो चुकी है। जबकि अरनोद में दूसरे नंबर पर 939, रिपोर्ट में 912, छोटी सादड़ी में 724 और सबसे कम धरियावद में केवल 638 एमएम बरसात ही हुई है।

नदी नाले उफान पर, लोग जान जोखिम में डालकर पुलिया करते रहे पार

धोलापानी| क्षेत्र में शनिवार रात और रविवार तड़के हुई झमाझम बारिश के चलते क्षेत्र से बहने वाली जाखम, अराड़ा,अंधेरी, झांप आदि नदियां उफान पर रही। इससे कई मार्गों पर आवाजाही बाधित रही। नदियों में उफान के चलते धोलापानी से ढावटा मार्ग, धोलापानी से हरमरा की रेल, धोलापानी से कालाकोट, देवाक माता से ढावटा, नावनखेड़ी से ढावटा, देवाकमाता से पीलीखेड़ा आदि मार्गों पर राहगीरों को रविवार अलसुबह से ही पुलिया पर पानी कम होने का घंटों इंतजार करना पड़ा। दोपहर बाद धीरे-धीरे पुलिया पर पानी कम होने पर कई राहगीर जान जोखिम में डालकर पुलिया पार करते देखे गए। शाम करीब 4:00 बजे रिमझिम बारिश का दौर फिर से शुरू हुआ।

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