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कुंडाल गांव का मामला:पति की मौत के बाद पत्नी मुआवजा राशि लेकर तीन बच्चों को छोड़कर चली गई, असहाय बच्चों ने कलेक्टर से लगाई गुहार

प्रतापगढ़21 दिन पहले
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  • कलेक्टर ने जिला रसद विभाग से 50 किलो अनाज दिलाने के निर्देश दिए

जिले में एक के बाद एक असहाय बच्चों की वेदना सामने निकल कर आ रही है। जिला कलेक्टर कार्यालय में बुधवार को ऐसा ही मामला सामने आया जहां एक महिला अपने पति की मृत्यु के बाद मुआवजा राशि लेकर अपने तीन छोटे बच्चों को निर्दयता पूर्वक छोड़कर अन्यत्र चली गई। कलेक्टर ने दादी के साथ आए बच्चों की वेदना को समझते हुए तुरंत जिला रसद विभाग से उन्हें 50 किलो अनाज दिलाने के निर्देश दिए। साथ ही मौके पर सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के अधिकारी टीआर आमेटा को भी निर्देशित किया कि इनकी जो भी सरकारी सहायता हो वह तत्काल की जाए। तीनों बच्चों की दादी सीता मीणा निवासी कुंडाल हिनौता तहसील पीपलखूंट ने कलेक्टर को सौंपे।

आवेदन में बताया कि उसके पुत्र जीवन लाल की 2 वर्ष पूर्व विद्युत करंट लगने से मृत्यु हो गई थी। इसके बाद जीवन लाल की पत्नी सुकना पति की मौत के बाद मुआवजा राशि लेकर एक नाबालिग पुत्री जमुना उम्र 7 वर्ष तथा दो नाबालिग पुत्र पीयूष व सत्तू को छोड़कर अन्यत्र चली गई। बच्चों की दादी सीता मीणा ने बताया कि उसके पुत्र जीवन लाल की मृत्यु होने पर बिजली निगम की ओर से मुआवजे के रूप में तीन लाख रुपए मिले थे जिसे जीवनलाल की पत्नी सुकना के खाते में जमा कराए गए थे। बच्चों की मां सुकना के जाने के बाद बच्चों के लालन पालन में काफी समस्या आ रही है। दादी सीता मीणा ने बताया कि जब जीवनलाल की पत्नी सुकना से बात की तो कहा गया कि बच्चे भूखे मर रहे हैं तो वह कुछ नहीं कर सकती। सुकना अपने साथ सभी दस्तावेज भी लेकर चली गई। ऐसे में सरकारी योजना का लाभ बिना दस्तावेजों के कैसे मिल पाएगा। इस पर जिला कलेक्टर ने बच्चों और उनकी दादी सीता मीणा की परेशानी को ध्यान में रखते हुए तुरंत अधिकारियों को समस्या समाधान करने के निर्देश दिए।

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