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अनलॉक के साथ बाजार का कमबैक:कोरोना की दूसरी लहर से पहले हर महीने करीब डेढ़ करोड़ तक का ऑटोमोबाइल बाजार था

प्रतापगढ़एक महीने पहले
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  • कृषि मंडी में प्रतिदिन एक करोड़ का व्यापार होता था, अब 11 दिन में 11 करोड़ से ज्यादा का व्यापार
  • अब 11 दिन में ही बिक्री एक करोड़ पार

जिले में अनलॉक प्रक्रिया के तहत करीब 90 दिन बाद व्यापार और बाजार दोनों की गाड़ियां पटरी पर फिर से लौटने लगी है। चाहे सर्राफा व्यवसाय हो, कृषि मंडी का कारोबार, ऑटोमोबाइल का शोरूम हो या फिर इलेक्ट्रॉनिक आइटम की दुकान, हर जगह ग्राहकों में खरीदारी को लेकर उत्साह है। बाजार खुलने के अभी 11 दिन ही हुए हैं और मार्केट में त्याेहार जैसा उत्साह दिखाई दे रहा है।

गर्मी के मौसम को देखते हुए फ्रिज, एसी की बिक्री पिछले सीजन के मुकाबले करीब 10% तक बढ़ती हुई नजर आ रही है तो वहीं दूसरी तरफ ऑटोमोबाइल में भी यह वृद्धि करीब पिछले सीजन के मुकाबले 3% बढ़ी है। इलेक्ट्रिक दुकान के संचालक कुणाल जैन बताते हैं कि पिछले साल गर्मी में काेराेना की वजह से दुकानें पूरी तरह से बंद थी। इसके बाद जब दुकानें खुली तो शुरुआत के 3 महीने में प्रतापगढ़ जिले में करीब एक करोड़ रुपए तक के एसी, फ्रिज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक आइटम पंखे, कूलर आदि बिके। गर्मी जाने के बावजूद लोगों ने इनकी खरीदारी की। इसके बाद अब कोरोना की दूसरी लहर में फिर से लॉकडाउन हुआ और 30 मार्च के बाद लगातार बिक्री घटते हुए 2 महीने तक पूरा ब्रेक लग गया। अब पिछले 10 दिन में ही बाजार में जबरदस्त उछाल दिखाई दिया और जिले भर में एडवांस बुकिंग आदि सब मिलाकर करीब एक करोड़ 10 लाख रुपए तक का सामान बिक चुका है या बुकिंग से बिकने वाला है।

कृषि मंडी

कृषि उपज मंडी समिति सचिव मदनलाल गुर्जर ने बताया कि कृषि मंडी में प्रतिदिन करीब एक करोड़ रुपए का कारोबार होता है। कृषि मंडी में लॉकडाउन के चलते 75 दिन मंडी बंद रहने से अब तक कम से कम करीब 45 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ है। इसमें अप्रैल माह में 15 करोड़, मई में 12 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ है। मंडी फिर से शुरू होते ही अब प्रतिदिन एक करोड़ रुपए के आसपास का कारोबार होने लगा है। इसके अलावा लहसुन और प्याज की मंडी भी फिर से सुचारू होने की वजह से मंडी में जबरदस्त उत्साह किसानों में देखने को मिल रहा है।

ऑटोमोबाइल

कोरोना की दूसरी लहर से पहले हर महीने का करीब डेढ़ करोड़ तक का ऑटोमोबाइल बाजार था, अब 11 दिन में ही बिक्री एक करोड़ पार हाे गई है। चित्तौड़गढ़ रोड पर मारूति कंपनी के भाटिया एंड कंपनी शोरूम के मैनेजर दीपक पांडिया ने बताया कि पूर्व में प्रतिमाह 15 कार प्रतिमाह से करीब 60 लाख रुपए की बिक्री होती थी, लेकिन अभी 40 लाख की बिक्री हो चुकी है। जिला मुख्यालय पर रामलक्ष्मी होंडा शोरूम पर प्रतिमाह 45 वाहन बिकते हैं। जिससे करीब 33 लाख रुपए की बिक्री होती है। बिक्री की यह गति वापस अाने लगी है।

ज्वेलरी व्यवसाय

स्वर्ण व्यवसायी मुकेश हड़पावत ने बताया कि प्रतापगढ़ शहर में जेवरात की करीब 30 दुकानें हैं। जिले की बात की जाए तो करीब 50 लाख रुपए से ज्यादा का व्यवसाय हर महीने हो रहा था। अब 11 दिन में ही अनलॉक के बाद यह कमाई करीब 20 लाख को पार कर गई है। इसके अलावा पहले के आर्डर और भविष्य के आर्डर को देखा जाए तो यह इनकम काफी ज्यादा हो जाएगी। हालांकि इसे दिन के हिसाब से या महीने के हिसाब से कवर कर पाना मुश्किल है, क्योंकि अक्सर शादी के सीजन के दौरान ही अच्छी कमाई होती है।

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