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किसानों को जानकारी दी:डॉ. कनोजिया ने कहा ज्यादा रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कर रहा मृदा का स्वास्थ्य खराब

प्रतापगढ़एक महीने पहले
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कृषि विज्ञान केंद्र पर शुक्रवार को उर्वरक उपयोग जागरुकता कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रभारी डॉ. योगश कनोजिया ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य सुधार एवं फसल पोषण में मिट्टी परीक्षण का महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग से हमारे खेत खराब होते जा रहे हैं। ऐसे में इनका उपयोग मिट्टी परीक्षण के आधार पर ही करना चाहिए। उन्होंने पौधों के पोषक तत्वों, उनके कार्य, कमी के लक्षण तथा कमी की पूर्ति किस उर्वरक से की जाए आदि के बारे में भी किसानों को जानकारी दी।

डॉ. कनोजिया ने किसानों को पोषक तत्वों की दक्षता बढ़ाने के लिए खादों एवं उर्वरकों का मिला-जुला प्रयोग करने एवं फसल प्रणाली में दलहनी फसलों के समावेश करने की बात कही। कार्यक्रम में इफको के जिला अधिकारी मुकेश आमेटा ने कृषकों को बताया कि ज्यादा उर्वरकों का प्रयोग करने से हमारी खेती योग्य मिट्टी लगातार खराब होती जा रही है। हमने लालच में आकर स्वयं और मृदा का स्वास्थ्य खराब कर दिया है। कैंसर और तनाव इसका जीता जागता उदाहरण हैं।

उन्हाेने ड्रिप एवं फर्टिगेशन से उर्वरकों की दक्षता में वृद्धि करने की बात कही। साथ ही बताया कि जल घुलनशील उर्वरकों का उपयोग कर किसान अपनी उपज में वृद्धि कर सकते हैं। केन्द्र के तकनीकी सहायक डॉ. रमेश कुमार डामोर ने मिट्टी के स्वास्थ्य को सुधारने के लिए विभिन्न भूमि सुधारक एवं उनका उपयोग, वर्मी कम्पोस्ट बनाने का तरीका आदि विषयों पर किसानों को जानकारी दी।

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