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विरोध:जीएसएस ऑपरेटरों को 5 माह से भुगतान नहीं, कलेक्टर, जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दिए, लेकिन सुनवाई कहीं नहीं

प्रतापगढ़14 दिन पहले
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  • बिना सुरक्षा उपकरण के जान खतरे में डालकर बिजली कार्य कर रहे, ठेकेदारों पर नहीं हो रही कोई कार्रवाई

जिले के सभी ब्लॉक के जीएसएस ऑपरेटरों का भुगतान 5 माह से बकाया है। सभी सिरसा हरियाणा बंशिवट कॉपरेटिव लेबर कंस्ट्रक्शन के अन्तर्गत कार्य कर रहे हैं। जिसके संचालक राजेश शर्मा तथा सुपरवाइजर प्रमोद विश्नोई है। 5 महीने से सैलरी नहीं मिलने के कारण इन ठेका कर्मियों का घर चलाना मुश्किल हो गया है। हालात यह हो गए हैं कि कोई उधार लेकर अपने घर का रोज मेरा खर्चा निकाल रहा है तो कोई रोजगार के लिए अन्य साधन तलाश रहा है। इन ठेका कर्मियों ने कलेक्टर से लेकर जनप्रतिनिधियों और बिजली निगम के अधिकारियों तक सब को ज्ञापन दिए और गुहार लगाई, लेकिन कहीं से कोई मदद अभी तक नहीं मिल पाई है। ठेका कर्मियों की लड़ाई 4 महीने से ऐसे ही चल रही है। सभी ऑपरेटरों ने संचालक व सुपरवाइजर को काफी बार निवेदन किया, लेकिन उनकी ओर से भी इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। रोजगार की आस में इन ठेका कर्मियों ने बिजली निगम का खतरे वाला काम तो अपने कंधों पर उठा लिया, लेकिन इसकी एवज में भुगतान ही नहीं हो रहा है। इसी मांग को लेकर जीएसएस ऑपरेटर ने कलेक्टर को फिर से ज्ञापन दिया है। एक तरफ 5 महीने से भुगतान नहीं दिया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ ठेका कर्मियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें सुरक्षा के उपकरण भी नहीं दिए जा रहे हैं ऐसे में उनकी जान भी खतरे में है।

हरियाणा के सिरसा की इस फर्म के ठेकेदार ने पिछले 5 महीने से बिल ही नहीं लगाएं। इस वजह से हमने भी इनका पेमेंट रोक कर रखा है। प्रतापगढ़ ही नहीं, कई अन्य जिलों में भी यह समस्या चल रही है। ठेकेदार दो-चार दिनों में आने का बोल रहा है। बिल लगाने के बाद सबसे पहले इन ठेका कर्मियों का भुगतान करवाएंगे। उसके बाद बाकी का पैसा रिलीज किया जाएगा। -आईआर मीणा, एसई, डिस्कॉम, प्रतापगढ़।

विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन दिया: ठेका कर्मचारियों ने बताया कि नियमानुसार सरकार के द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी उन सभी को दी जाए। इसके अलावा सभी 33/132 केवी जीएसएस ऑपरेटर को उनके कार्य के अनुसार जॉइनिंग लेटर भी दिया जाए। कर्मचारियों ने बताया कि कम्पनी में काटा जा रहे ईपीएफ की सम्पूर्ण जानकारी भी उन्हें दी जाए जो कि अब तक नहीं दी जा रही थी। एफआर टीम वाले व्यक्ति जीएसएस के अंदर कार्य नहीं कर सकते है। वह फील्ड वर्कर में कार्य कर सकते है। मांगे रखने वालों में केशुराम, रामलाल, मोहन,गोर्धन, गोपाल, रामचंद्र, राजमल, संजय, मेघासिंग, रामलाल, कमलेश, कैलाश, देवीलाल, रामचंद्र, बद्रीप्रसाद आदि शामिल रहे।

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