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पहल:स्कूूल शिक्षा परिषद ने साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए विद्यार्थी प्रशिक्षण पुस्तिका जारी की

प्रतापगढ़25 दिन पहले
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  • 12वीं तक के स्टूडेंट्स को साइबर क्राइम से बचने की ट्रेनिंग मिलेगी

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के चलते फिलहाल स्कूल खुलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। आॅनलाइन पढ़ाई ही कराई जा रही है। वर्तमान दौर में बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल देना अभिभावकों की मजबूरी है। इस कारण से साइबर सुरक्षा व शिक्षा की ज्यादा महसूस की जा रही है।

सामान्यत: किशोर अवस्था के विद्यार्थियों को अच्छे-बुरे का ज्ञान नहीं होता है और इसी अज्ञानता के चलते कई बार वे साइबर क्राइम के जाल में फंस जाते हैं। इसके मद्देनजर राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए विद्यार्थी प्रशिक्षण पुस्तिका जारी की है। इस पुस्तिका की सहायता से शिक्षक ऑनलाइन सुरक्षा के सत्र संचालित कर सकेंगे। इन सत्रों के जरिए विद्यार्थियों को ऑनलाइन सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं जैसे उपकरणों की सुरक्षा, फोन व ऑनलाइन घोटालों से सावधानी, सोशल मिडिया शिष्टाचार के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा। जिम्मेदार नेटीजन बनाया जाएगा। इंटरनेट का उपयोग करने वाला व्यक्ति नेटीजन कहलाता है।

प्रशिक्षण के जरिए इन खतरों को समझ सकेंगे विद्यार्थी

{साइबर बुलिंग : इसमें इंटरनेट या मोबाइल टेक्नोलॉजी का प्रयोग करके घटिया, तकलीफदेह संदेश या ईमेल भेजकर किसी को जानबूझकर तंग किया जाता है।

  • साइबर ग्रूमिंग : हैकर फर्जी अकाउंट बनाकर बच्चों को फंसाते हैं। शोषण के उद्देश्य से विद्यार्थियों को लालच देकर भावनात्मक संबंध स्थापित किए जाते हैं।

साइबर स्टॉकिंग : इसका मतलब है इलेक्ट्रॉनिक साधनों द्वारा किसी व्यक्ति पर निगरानी रखना। एक बच्चे की साइबर स्टॉकिंग उसका यौन उत्पीड़न करने के इरादों से की जाती है।

  • खेलों से नुकसान : सामान्यत: ऑनलाइन खेल डाउनलोड करने के साथ स्पैम, वायरस डाउनलोड हो जाते हैं जो कंप्यूटर, मोबाइल फोन को प्रभावित करते हैं।

सुरक्षित पढ़ाई कर सकेंगे
माध्यमिक शिक्षा मुख्यालय सीकर के डीईओ लालचंद नहलिया ने बताया कि जानकारी के अभाव में बच्चों पर साइबर खतरों की संभावना रहती है। विभाग द्वारा जारी इस प्रशिक्षण पुस्तिका की सहायता से विद्यार्थी साइबर स्पेस से परिचित होकर सुरक्षित व्यवहार व पढ़ाई कर सकेंगे। माध्यमिक व प्रारंभिक शिक्षा, बीकानेर के निदेशक सौरभ स्वामी ने बताया कि बेहतर कंटेंट,बच्चों का डिजिटल स्वास्थ्य और ऑनलाइन सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।

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