श्रीनाथजी को लगाया 252 मिठाईयों का छप्पन भोग:शृंगार झांकी में जरी का सूथन, चाकदार वागा और चोली पहनाई, भक्तों ने परिक्रमा कर किए दर्शन

राजसमंद/नाथद्वारा6 महीने पहले
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श्रीनाथजी (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
श्रीनाथजी (फाइल फोटो)

पौष शुक्ल चतुर्थी गुरुवार को श्रीनाथजी की हवेली में छप्पन भोग लगाया गया। अधकी का छप्पन भोग मनोरथ मुंबई के वैष्णव परिवार की ओर से किया गया। प्रभु को 252 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। वैष्णव परिवार ने सुबह 10 बजे श्रीजी की हवेली की परिक्रमा की और दर्शन के लिए पहुंचे। गोस्वामी विशाल बावा ने श्रीठाकुरजी को आलौकिक शृंगार में सजाकर राग, भोग और सेवा के लाड लडाए। कीर्तनकारों ने इत गाय, उत गाय, गोविंद को गायन में सुहाए सहित विविध पदों का गान किया।

शृंगार झांकी में सुबह गोस्वामी विशाल बावा ने श्रीजी के श्रीचरणों में फिरोजी जरी के मोजाजी पहनाए। श्रीअंग पर फिरोजी जरी का सूथन, चाकदार वागा और चोली अंगीकार कराई गई। लाल ठाड़े वस्त्र सजाए गए। श्रीजी को वनमाला (चरणारविंद तक) के हल्के शृंगार में सजाया गया। गुलाबी मीना के सभी गहने पहनाए। श्रीमस्तक पर फिरोजी टिपारा पर पीले खीनखाब के गौकर्ण, रूपहरी जरी का घेरा और बायीं ओर शीशफूल सुशोभित किया गया। श्रीकर्ण में गुलाबी मीना के मकराकृति कुंडल पहनाए। कमल माला, सफेद और गुलाबी फूलों की दो मालाजी पहनाई गई। लाल मीना के वेणुजी और दो वेत्रजी(एक सोना का) सजाया। कंदराखंड में श्याम वस्त्र पर सफेद जरी से गायों, बछड़ों के चित्रांकन वाली पिछवाई सजाई गई। गादी, तकिया और चरणचैकी पर सफेद बिछावट की गई।