सावधानी ही बचाव:वृद्धा की मौत के बाद परिवार में 50 वर्षीय बहू भी कोविड पॉजिटिव, हाेम आइसाेलेट किया

राजसमंद6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

शहर में रविवार रात को कोरोना से 80 वर्षीय वृद्धा की मौत के बाद उसी के परिवार में एक अाैर महिला (बहू)पॉजिटिव आई। 50 वर्षीय महिला की रिसैंपलिंग की गई थी, जिसकी रिपोर्ट मंगलवार को आई, जिसमें महिला कोरोना पॉजिटिव आई। ऐसे में वृद्धा के जीनोम सीक्वेंस जांच रिपोर्ट आने के बाद महिला के जीनोम सीक्वेंस जांच के लिए सैंपल जयपुर भेजा जाएगा।

शहर के महेश नगर निवासी वृद्धा की कोरोना से रविवार रात को माैत हो गई थी। ऐसे में परिवार के 11 सदस्यों के सैंपल लिए गए थे। 10 सदस्यों की रिपोर्ट निगेटिव आई थी, लेकिन परिवार की एक 50 वर्षीय महिला का सैंपल फेल होने पर रिसैंपलिंग करवाई गई। जिसमें महिला कोरोना पॉजिटिव आई। हालांकि महिला में किसी भी प्रकार के लक्षण नहीं है। महिला को होम आइसोलेशन में रखा गया है। बुधवार को महिला के जीनोम सीक्वेंस जांच के लिए सैंपल जयपुर भेजे जाएंगे। वहीं अभी तक वृद्धा की जीनोम सीक्वेंस रिपोर्ट जयपुर से नहीं आई।

चिकित्सा विभाग ने लाभार्थी के वैक्सीनेशन के लिए आन कॉल 181 की सुविधा शुरू की है। सीएमएचओ डा. प्रकाश चंद्र शर्मा ने बताया कि जहां कहीं भी 10 लोग एकत्र होकर 181 पर फोन करेंगे। ताे चिकित्सा विभाग की टीम संबंधित गांव या घर पर वैक्सीन लगाने के लिए जाएगी। 181 पर कॉल करने पर यह फोन सीधा जयपुर कॉल सेंटर पर जाएगा।

जहां फोन करने वाले लाभार्थी का नाम, पता, जिला, लोकेशन, मोबाइल नंबर आदि पूछा जाएगा। कॉल सेंटर से इसकी सूचना सम्बंधित जिले के चिकित्सा विभाग के संपर्क पोर्टल पर डाल दी जाएगी। यह संपर्क पोर्टल सम्बंधित जिले के चिकित्सा विभाग में देखाई देगा। जहां से कार्मिक सम्बंधित लाभार्थी को फोन करके वैक्सीनेशन लगाने का समय, स्थान आदि पूछकर सम्बंधित सीएचसी, पीएचसी व सब सेंटर से एएनएम या चिकित्सा कार्मिक को भेजेंगे।

सीएमएचओ ने बताया कि अब तक जिले में एक ही आॅन कॉल पर 10 लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए टीम गई। शहर के समीप रविवार को अमलोई गांव से 10 ग्रामीणों ने 181 पर फोन करके वैक्सीन लगाने की बात कही थी। राज्यावास सेंटर से वैक्सीनेशन टीम मौके पर पहुंची। जहां 10 लोगों के वैक्सीन लगाई गई। 181 की मॉनिटिरिंग सीएमएचओ ऑफिस से की जाएगी : 181 की मॉनिटिरिंग सीएमएचओ ऑफिस से की जाएगी। इसके लिए लगातार संपर्क पोर्टल पर निगरानी की जाएगी। जहां पर सूचना आने पर संबंधित सेंटर पर सूचना करने का काम, टीम भेजना, वायल की उपलब्धता, वायल की सुरक्षा आदि को भेजने की जिम्मेदारी होगी।

खबरें और भी हैं...