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निर्देश जारी किए:इम्युनिटी बूस्टर वाले आठ लाख पाैधे वितरित करेगा वन विभाग

राजसमंद19 दिन पहले
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  • सबसे ज्यादा झीलवाड़ा के तेजों का गुड़ा नर्सरी में 92 हजार पाैधे तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा, कालमेघ के किए तैयार

मुख्यमंत्री की बजट घोषणा पर जिले में घर-घर औषधि योजना में 8 लाख 68 हजार औषधीय पौधे तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा, कालमेघ का वितरण किया जाएगा। औषधीय पौधों से आमजन को आरोग्य और स्वस्थ रहने में मदद मिलेगी। इससे लोगों को बीमारियों और अन्य कोरोना जैसी महामारी से बचाव के लिए मदद मिलेगी। वन विभाग के उपवन संरक्षक वन्यजीव-फतेहसिंह राठौड़ ने बताया कि जिले में 10 लाख 65 हजार पौधे बांटने का लक्ष्य हैं। पौधों को जिले की विभिन्न पौधशालाओं में तैयार किया गया है। जिले के 2 लाख 42 हजार 3 परिवारों में से 50 प्रतिशत एक लाख 21 हजार परिवारों को प्रति परिवार 8 पौधे, कुल 8 लाख 68 हजार पौधे वितरित किए जाएंगे।

बाकी बचे परिवारों को अगले वर्ष वितरित किए जाएंगे। जिले की विभिन्न नर्सरी में वितरण के लिए 5 लाख 88 हजार पौधे तैयार किए जा चुके हैं। घर-घर औषधि योजना के क्रियान्वयन के तहत औषधीय पौधों का वितरण तथा व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए उपखंड स्तरीय मॉनिटरिंग एवं समन्वयक समिति तथा ग्राम पंचायत स्तर पर समन्वय एवं क्रियान्वयन समिति का गठन किया जा चुका है। साथ ही औषधीय पौधों के परिवहन, घर-घर वितरण एवं प्रचार-प्रसार के लिए गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठनकर कमेटी के सदस्यों को योजना के क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायतों, गांवों तथा शहर के चयन एवं चयनित परिवारों को पौध वितरण करने के निर्देश जारी किए।

बताया कि जिले की पीपरड़ा नर्सरी में एक लाख 65 हजार पौधे तैयार किए। इसमें 60 हजार गिलोय, 25 हजार अश्वगंधा, 30 हजार कालमेघ तथा 50 हजार तुलसी के पौधे तैयार किए हैं। आमेट नर्सरी में 36 हजार पौधे तैयार किए। इसमें 11 हजार गिलोय, 8 हजार अश्वगंधा, 7 हजार कालमेघ तथा 10 हजार तुलसी के पौधे तैयार किए। हल्दीघाटी नर्सरी में 56 हजार, जैतारण नर्सरी मेंे 65 हजार, झीलवाड़ा के तेजों का गुड़ा नर्सरी में 92 हजार, दिवेर नर्सरी में 60 हजार, नीमझर नर्सरी में 42 हजार, जस्साखेड़ा नर्सरी में 72 हजार पौधे तैयार किए हैं।

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