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मानसून रूठा:आधा आषाढ़ बीता, 90.57 एमएम ही बारिश, पिछले साल के मुकाबले 52.28 एमएम कम

राजसमंद24 दिन पहले
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  • पिछले साल 7 जुलाई तक 142.85 एमएम बारिश हुई थी, 13 दिनों से छा रहे बादल, लेकिन बरसे नहीं, फसलें सूख रही

हिन्दी पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास को बारिश का महीना माना जाता है और आषाढ़ मास आधा बीत जाने के बाद भी अच्छी बारिश का इंतजार है। अब तक खंड बारिश ही हुई है, जबकि गत साल जिले में 7 जुलाई तक 142.85 एमएम बारिश हो गई थी। इस बार 7 जुलाई तक 90.57 एमएम ही बारिश हुई, जो गत साल की तुलना में 52.28 एमएम बारिश कम हुई। ऐसे में किसानों के चेहरे पर चिंताओं की रेखाएं खिंच गई है। जिन किसानों ने प्री-मानसून में बुवाई कर दी थी। उन किसानों के फसल मुरझाने की कगार पर है।

किसान बोले कि एक या दो दिन में बारिश नहीं हुई तो खाद व बीज का नुकसान हो जाएगा, जबकि इस बार गत साल की तुलना में मानसून पांच दिन पहले आ चुका है। इससे किसान व कृषि विभाग काफी आशावादी हो रहे थे, लेकिन प्री-मानसून की बारिश के बाद बारिश होना बंद हो गया। 13 दिनों से लगातार बादल छाए हुए हैं। गत साल 7 जुलाई तक राजसमंद ब्लॉक में सर्वाधिक बारिश हुई थी। ब्लॉक में 1 जून से 7 जुलाई तक 227 एमएम यानि 9.37 इंच और 1 जनवरी से 7 जुलाई तक 291 एमएम बारिश अर्थात 13.04 इंच बारिश हुई थी। गत साल 1 जून से 7 जुलाई तक सबसे कम बारिश केलवाड़ा ब्लॉक में 56 एमएम यानि 2 इंच हुई थी, जबकि 1 जनवरी से 7 जुलाई तक 156 एमएम यानि 6 इंच बारिश ही हुई। केलवाड़ा क्षेत्र में अच्छी बारिश हो फायदा पूरे जिले को मिलता है।

इस बार भी अब तक सर्वाधिक बारिश राजसमंद ब्लॉक में और सबसे कम भीम ब्लॉक में दर्ज की गई

गत साल के आंकड़ों से तुलना की जाए तो इस बार भी नाथद्वारा व राजसमंद ब्लॉक में अधिक बारिश हुई। नाथद्वारा व राजसमंद ब्लॉक में 1 जून से 7 जुलाई तक 122 एमएम बारिश यानि 5 इंच बारिश हुई, जबकि 1 जनवरी से 7 जुलाई तक 207 एमएम यानि 8 इंच बारिश हुई। सबसे कम बारिश भीम ब्लॉक में हुई। 1 जून से 7 जुलाई के बीच मात्र 39 एमएम यानि 1.58 इंच बारिश ही हुई, जबकि 1 जनवरी से 7 जुलाई तक 135 एमएम यानि 5.58 इंच बारिश हुई। आमेट, केलवाड़ा व रेलमगरा क्षेत्र में अभी तक 100 एमएम का आंकड़ा भी नहीं हुआ।

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