9 साल की मासूम से हुआ था दुष्कर्म:​​​​​​​ पाेक्साे काेर्ट में हाेगी सुनवाई, दुष्कर्मी के खिलाफ आठ दिन में 1008 पेज की चार्जशीट पेश, रोजाना सुनवाई के लिए दिया पत्र

राजसमंद18 दिन पहले
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आरोपी को कोर्ट में पेश करने ले जाती पुलिस। - Dainik Bhaskar
आरोपी को कोर्ट में पेश करने ले जाती पुलिस।

शहर के पास 9 वर्षीय मासूम से 27 सितंबर दाेपहर में दुष्कर्म के आराेपी के खिलाफ पुलिस ने 8 दिन में एक हजार 8 पेज की चार्जशीट पेश कर दी। चार्जशीट पर न्यायालय ने सुनवाई करते हुए 11 अक्टूबर काे सुनवाई प्रारंभ करने की तारीख दी है। चार्जशीट के साथ पुलिस ने पत्र पेशकर न्यायालय में प्रतिदिन सुनवाई कर आराेपी काे एक माह के कम समय में मृत्युदंड की सजा दिलवाने की मांग की। पुलिस ने 168 पेश की मूल चार्जशीट में 44 माैखिक गवाह और 30 वैज्ञानिक साक्ष्य 6 काॅपियाें में पेश किए हैं।

जांच अधिकारी डीएसपी बेनीप्रसाद मीणा और थानाधिकारी याेगेंद्र व्यास ने बताया कि शहर के पास 27 सितंबर की दाेपहर में हुए दुष्कर्म के आराेपी पिपलवास खमनाेर निवासी संताेष 22 पुत्र कुकाराम भील के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 341, 323, 376 (2)(एम) व 376 एबी तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (संशोधित) 2012, 2019 (पॉक्सो) की धारा 5(आई)(एम) व 6 में 44 माैखिक गवाह, 30 वैज्ञानिक साक्ष्य के साथ एक हजार 8 पेज की चार्जशीट पेश की गई। आईपीसी की धारा में आराेपी ने पीड़िता काे घटना स्थल पर राेककर मारपीट करते हुए चाेट पहुंचाने और दुष्कर्म के समय पिड़िता के गुप्तांगाें पर चाेट पहुंचाना, 12 वर्ष की कम आयु की पीड़िता से दुष्कर्म करना व पाेक्साे एक्ट में चालान पेश किया।

इसमें आजीवन कारावास के साथ मृत्युदंड की सजा का प्रावधान है। चार्जशीट में मूल चार्जशीट 168 पेज की हाेकर सहायक में 185 व 55 पेजाें के साथ एक हजार 8 पेज सम्मिलित हैं। पुलिस ने 7 टीमाें का गठन कर घटना के 40 घंटाें में आराेपी काे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरातस में कार्यपालक मजिस्ट्रेट के साथ घटना स्थल की शिनाख्त परेड करवाई थी। पिड़िता और आराेपी का मेडिकल करवाते हुए जैविक साक्ष्याें, घटना स्थल पर मिले भाैतिक साक्ष्याें काे एकत्रित कर एफएसएल जयपुर अग्रिम अनुसंधान के लिए भेजा। अनुसंधान के दाैरान गवाहाें के बयान तथा घटनास्थल के आस-पास माैजूद सीसीटीवी फुटेज काे भी चार्जशीट में पेश किया है।

अनुसंधान टीम : डीएसपी बेनीप्रसाद मीणा, थानाधिकारी याेगेंद्र व्यास, हैड कांस्टेबल बलवीरसिंह, कांस्टेबल हिम्मतसिंह, कांस्टेबल विक्रमसिंह ने चालान पेश किया।

एक माह में दिलवाएंगे सजा

पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए एसपी सुधीर चाैधरी व एएसपी शिवलाल के आदेश पर केस ऑफिसर स्कीम में लेकर न्यायालय में पत्र भेजकर फास्ट ट्रैक सुनवाई करने का आग्रह किया है। न्यायालय में एक माह में गवाह काे पेशकर सुनवाई करते हुए सजा दिलवाई जाएगी। इसके लिए गवाह काे लाने और ले जाने की पूरी व्यवस्था करने का भी पुलिस ने तय किया है।

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