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बाघेरी नाका बांध पर 3 इंच की चादर:छलकते बांध की चादर पर नहाने पर लगाई रोक, मौके पर पुलिस का जाब्ता लगाया, नंदसमंद बांध में शुरू हुई पानी की आवक

राजसमंद2 महीने पहले
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बाघेरी नाका बांध से बहता पानी। - Dainik Bhaskar
बाघेरी नाका बांध से बहता पानी।

राजसमंद और उदयपुर जिले के कुल 292 गांवों की प्यास बुझाने वाले बाघेरी नाका बांध के छलक गया है। इसके बाद जिले के सबसे बड़े नंदसमंद बांध में भी पानी की आवक शुरू हो गई। बाघेरी नाका में बुधवार को सुबह 10 बजे 3 इंच की चादर चल रही है।

बाघेरी नाका बांध देखने हुए पहुंच रहे लोग
मानसून के अंतिम दौर में छलके बाघेरी नाका की चादर देखने के लिए सैकड़ों लोग पहुंच रहे हैं। प्रशासन की ओर से फिलहाल बाघेरी नाका की चादर के नीचे नहाने के लिए रोक लगाई गई है। खमनोर पुलिस का जाप्ता लगातार गश्त कर लोगों को पानी में नहीं जाने दे रहा है। हर साल बाघेरी नाका छलकने के बाद राजसमंद, उदयपुर सहित संभाग के अन्य जिलों के लोग बाघेरी की चादर के नीचे नहाने का लुप्त उठाते है।

नंदसमंद बांध में शुरू हुई पानी की आवक
बाघेरी नाका छलकने के बाद जिले के सबसे बड़े नंदसमंद बांध में पानी की आवक शुरू हो गई है। नंदसमंद बांध की कुल उंचाई 32 फीट और भराव क्षमता 750 एमसीएफटी है। सिंचाई विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार नंदसमंद बांध में बुधवार सुबह 8 बजे तक कुल 7.90 फिट पानी की आवक हुई है। नंदसमंद बांध लबालब होने के बाद राजसमंद झील को भरने के लिए पानी दिया जाता है।

बता दें कि बाघेरी नाका भरने के बाद बनास नदी से होते हुए नंदसमंद बांध में पानी की आवक होती है। विदा होते मानसून ने पेयजल के लिए महत्वपूर्ण बाघेरी नाका को छलका दिया है। अब जिले के किसानों और नाथद्वारा के लोगों को नंदसमंद बांध में पानी भरने का इंतजार है। बाघेरी नाका कैचमेंट एरिया में बारिश रुक जाने से पानी की आवक कम हो गई है।

बाघेरी नाका परिजयोजना के एईएन आलोक सक्सेना ने बताया कि बाघेरी नाका बांध भरने के बाद बुधवार को सुबह 10 बजे 3 इंच की चादर चल रही है। हालांकि बारिश रुकने के कारण पानी की आवक कम हो गई है। उन्होंने कहा कि जिले के 292 गांवों में सालभर तक पेयजल सप्लाई करने जितने पानी की आवक हो गई है।

फोटो-: भूपेश दुर्गावत, नाथद्वारा

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