अमृत महोत्सव:एक दिन के लिए लाखों रुपए खर्च कर की लाइटिंग, जबकि पर्यटकाें को रोका, पहले कोई सूचना भी नहीं दी, होते रहे परेशान

कुंभलगढ़एक महीने पहले
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दुर्ग पर जाने से पर्यटकों को रोकते हुए। इससे पूरे दिन लोग परेशान होते दिखे। - Dainik Bhaskar
दुर्ग पर जाने से पर्यटकों को रोकते हुए। इससे पूरे दिन लोग परेशान होते दिखे।

जहां एक तरफ कुंभलगढ़ दुर्ग पर पिछले सात माह से करोड़ों रुपए की लागत की लाइटिंग बंद पड़ी है। वहीं 74वें अमृत महोत्सव व सौ करोड़ वैक्सीनेशन से पूर्व प्री शूट करवाने के लिए एक दिन के लिए लाखों रुपए खर्च करके दुर्ग पर आकर्षक लाइटिंग की गई। लेकिन गुरुवार को लाइटिंग को पर्यटकाें के लिए नहीं खाेला गया। जबकि पुरातत्व विभाग के अधिकारी व वीआईपी लोगों की आवाजाही दुर्ग के अंदर रही।

सबसे अधिक परेशानी दुर्ग के अंदर बसी बस्ती के लोगों को हुई। बस्ती में एक परिवार में शादी समारोह भी था। लेकिन दुर्ग के रामपोल गेट के बाहर सुरक्षा गार्डों ने रोक दिया। लाखों रुपए खर्च कर लाइटिंग का ड्रोन कैमरे से शूट करवाकर विभाग ने वीडियो बनवाई, लेकिन रामपोल के बाहर ही पर्यटकों को रोक दिया। इससे कई पर्यटक नाराज होकर होटल लौट गए।

पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने भी इस मामले में संतोषपद्र जबाव नहीं दिया। लाइट को लेकर आसपास के आए लोगों ने भी अंदर नहीं जाने की वजह से काफी नाराजगी जताई। जबकि दुर्ग के अंदर पूरी बस्ती है। बस्ती में एक परिवार में शादी थी। लेकिन रामपोल गेट के अंदर ही शादी में आए मेहमानों को जाने नहीं दिया।

प्री-शूट करना था तो पूर्व में ही पर्यटकों की आवाजाही बंद कर देते

जहां पुरातत्व विभाग को प्री-शूट करवाना था तो पूर्व में दुर्ग बंद रखने की सूचना जारी करनी चाहिए। इससे कम से कम पर्यटक ताे परेशान नहीं हाेते। अगर विभाग को अपने लिए ही है फोटो शूट करना था तो पहले कोई आदेश यहां पर लगाना चाहिए था। सुरक्षा गार्डों ने मेन गेट पर घेरा बनाया : पुरातत्व विभाग के अधिकारी दुर्ग के अंदर बैठे रहे। जहां से पर्यटकों को प्रवेश नहीं देने का आदेश दिया।

कोई भी बाहर के व्यक्ति काे अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। दुर्ग के सुरक्षा गार्ड रामपोल के बाहर घेरा डालकर खड़े हो गए। लेकिन विभाग के मिलने वाले वीवीआईपी बारी-बारी से अंदर जाते रहे। जिन्हें कोई रोकने वाला नहीं था। इसलिए की लाइटिंग : देशभर में सौ करोड़ सफल वैक्सीनेशन को लेकर प्री-शूट करवाया जा रहा है। देश के 100 अन्य दुर्गों पर भी शूट करवाया जाएगा। प्री-शूट के लिए विभाग ने एक दिन के लिए लाखों रुपए खर्च कर दिए। लेकिन आम पर्यटकों काे लाइटिंग शाे नहीं दिखाने दुर्ग काे ही बंद कर दिया।

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