सेवाओं में राजीनामा:लोक अदालत ने बैंक व बीमा कंपनी से संबंधित प्रकरण निप टाए, 42 लाख रु. के अवार्ड पारित

राजसमंद2 महीने पहले
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स्थाई लोक अदालत के माध्यम से बिना न्यायालय फीस दिए जन उपयोगिता से संबंधित सेवाओं में राजीनामा के माध्यम से प्रकरण का शीघ्र निस्तारण किया जाता हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मनीष वैष्णव ने बताई। वैष्णव ने बताया कि स्थाई लोक अदालत में बैंक एवं बीमा कंपनी से संबंधित प्रकरणों को निस्तारित करते हुए इनमें 42 लाख 40 हजार रुपए के अवार्ड पारित किया। स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष डीजे अनंत भंडारी व सदस्य के समक्ष रखे गए दो प्रकरण बैंक व बीमा कंपनी के विरुद्ध थे तथा एक प्रकरण केवल बीमा कंपनी के विरुद्ध था।

जिनमें बीमा कंपनी ने प्रार्थी का बीमा क्लेम खारिज कर दिया था जिस पर स्थाई लोक अदालत की शरण ली गई। स्थाई लोक अदालत में उभय पक्षों के तर्काें को सुनने के बाद बैच ने दो प्रकरणों में दो-दो लाख एवं तीसरे प्रकरण में 38 लाख 40 हजार रुपए का अवार्ड पारित कर बीमा कंपनी को तीन माह में अदा करने के आदेश दिए। इस प्रकार लोक अदालत में बिना न्यायालय फीस दिए शीघ्रता से स्थाई लोक अदालत में उक्त प्रकरणों का निस्तारण हो पाया।

लोक अदालत में जनउपयोगिता सेवा यथा बैंक, बीमा, परिवहन, डाक एवं तार, जन स्वच्छता एवं सफाई, आवास एवं भू संपदा, शिक्षा, चिकित्सा, बिजली आदि में बिना कोर्ट फीस दिए त्वरित गति से प्रकरण का निस्तारण किया जाता है और इसमें पारित पंचाट की अपील भी नहीं होती हैं। 11 दिसंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत काे सफल बनाने के लिए जिला एंव सेशन न्यायाधीश अनंत भंडारी की अध्यक्षता में मंगलवार दोपहर एक बजे जिला न्यायालय सभागार में अधिवक्ताओं के साथ बैठक की गई।

डीजे भंडारी ने अधिवक्ता को राष्ट्रीय लोक अदालत की प्रक्रिया एवं महत्व से अवगत करा अधिकाधिक राजीनामा योग्य दीवानी, फौजदारी, वैवाहिक, एनआई एक्ट इत्यादि प्रकरणों के निस्तारण के लिए निर्देश दिए। प्राधिकरण सचिव मनीष वैष्णव ने आह्वान किया कि राजीनामा योग्य प्रकरणों में पक्षकारों से संपर्क कर राजीनाम करवाने के लिए प्रेरित करें ताकि प्रकरण का राजीनामें की भावना से निस्तारण होने से पक्षकारों के धन एवं समय की बचत हो। उक्त बैठक में बार एसोसिएशन अध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह राठौड़, ललित साहू, वर्षा अतुल पालीवाल, मनीष जोशी, महिपालसिंह सिसोदिया, प्रहलाद शर्मा, प्रशांत पुरोहित इत्यादि अधिवक्ता मौजूद रहें।

काउसलिंग में दुर्घटना के 4 प्रकरणों का हुआ निस्तारण

राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकाधिक प्रकरणों के निस्तारण के लिए मोटर दुर्घटना से संबंधित नेशनल इश्योरेंस कंपनी से संबंधित प्रकरणों की प्री काउंसलिंग करते हुए सुनील पंचोली न्यायाधीश, मोटरदुर्धटना दावा अधिकरण ने न्यू इंडिया इंश्योरेंस कम्पनी से संबंधित 4 प्रकरणों का प्री काउंसलिंग के माध्यम से निस्तारण किया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण सहित जिले के समस्त न्यायालयों में लम्बित प्रकरणों की राजीनामा से निस्तारण बाबत प्री काउंसलिंग करवाई जा रही हैं। वैष्णव ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों का निस्तारण करवाने के लिए मंगलवार को प्री काउंसलिंग बैंच के सदस्य ने आईसीआईसीआई बैंक, बैक ऑफ इंडिया एवं एसके फाइनेंस से संबधित प्रकरणों में पक्षकारों के मध्य लोक अदालत में राजीनामा करवाने के लिए समझाइश की गई।

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