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इंतजाम अधूरे:ढाई लाख बच्चाें पर आरके अस्पताल में 2 ही पीडियाट्रिक डाॅक्टर, तीन और लगाने की मांग

राजसमंद18 दिन पहले
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आरके अस्पताल में कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए बच्चों के लिए वार्ड तैयार किया गया। - Dainik Bhaskar
आरके अस्पताल में कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए बच्चों के लिए वार्ड तैयार किया गया।
  • आरके अस्पताल में संसाधन तो उपलब्ध हैं, लेकिन बच्चों के डाॅक्टराें की कमी, अतिरिक्त दवाइयाें की मांग की

कोरोना की दूसरी लहर से जिले ने बहुत कुछ सीखा है। लेकिन तीसरी लहर के लिए आरके अस्पताल में इंतजाम नाकाफी दिखाई दे रहे हैं। जिले में 0 से 18 साल तक के करीब ढाई लाख बच्चे हैं। ऐसे में आरके अस्पताल में मात्र दो ही पीडियाट्रिक डाॅक्टर हैं। ऐसे में गंभीर हालात होने पर दो डाॅक्टराें के भराेसे ही रहना पड़ेगा। इससे व्यवस्थाएं बिगड़ने की स्थिति बन सकती है।

हालांकि अस्पताल प्रशासन ने तीन अन्य पीडियाट्रिक डाॅक्टर की मांग की है, लेकिन अभी तक नहीं मिले हैं। आरके में नए 6 चिकित्सा अधिकारियों को ट्रेंड किया। कोरोना जैसी गंभीरता के लिए अनुभवी डाॅक्टर की कमी खल रही है। जिले में अप्रैल महीने में 0 से 18 साल तक के 100 और मई महीने में 245 बच्चे कोरोना संक्रमित हुए थे। इसको देखते हुए प्रशासन और चिकित्सा विभाग ने मिलकर जून माह की शुरुआत के साथ ही कोरोना की तीसरी लहर की तैयारी की है।

जिले के सबसे बड़े आरके अस्पताल में पूरी तैयारियां की है। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण अस्पताल में पीडियाट्रिक डॉक्टर की कमी है। वहीं कुल 38 डॉक्टरों में से 6 नए आए चिकित्साधिकारी को ट्रेनिंग दी जाएगी। आरके अस्पताल के पीएमओ डाॅ. ललित पुरोहित ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर ने बहुत कुछ सीखा दिया। तीसरी लहर के लिए तैयारियां पूरी कर ली है। आरके अस्पताल में 50 ऑक्सीजन और 10 आईसीयू बेड के वार्ड बच्चों के लिए तैयार किए हैं।

ऑक्सीजन पाइंट और वेंटिलेटर की सुविधा है। सभी चिकित्सकों को वेंटिलेटर, आइसोलेशन और बच्चों के हिसाब से ट्रेनिंग दी है। दो पीडियाट्रिक डाॅक्टर मौजूद हैं। तीन डाॅक्टर और लगाने के लिए विभाग को लिखा है। हालांकि अभी तक लगाए नहीं हैं।
बच्चों के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए तैयारियां कर ली हैं: पीएमओ

​​​​​​​पीएमओ ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर में ही आरके में 18 नए डाॅक्टर मिले थे। इसके अलावा उपखंड मुख्यालय पर भी कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए तैयारियां कर ली है। कलेक्टर अरविंद कुमार पोसवाल ने पिछले दिनों आरके अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। जयपुर से प्रशासनिक टीम ने अवलोकन किया।

बाल अधिकारिता मंच ने भी व्यवस्थाएं देखी। राजसमंद में अधिकांश आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में बसी हुई हैं। तीसरी लहर के दौरान इतना अधिक लोड नहीं पड़ेगा। क्योंकि दूसरी लहर के दौरान भी जो बच्चे बीमार हुए, अधिकतर आरके अस्पताल लेकर आए।

पुराने वार्डों को बच्चों का वार्ड बनाया
आरके अस्पताल में पुराने जननी सुरक्षा योजना वार्ड, कुपोषण वार्ड व पीडियाट्रिक वार्ड को मेडिकल वार्ड व आईसीयू वार्ड बनाया है। जहां सभी बेड पर ऑक्सीजन पाइंट लगे हैं। वहीं 10 बेड को आईसीयू वार्ड बनाया है। अतिरिक्त दवाइयाें की मांग की है। अभी तक पर्याप्त दवाइयां है। लेकिन तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए दवाइयाें की अतिरिक्त मांग की है।

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