कैसे बनेंगे स्वच्छ:स्वच्छता में राजसमंद की रैंकिंग सुधरी, लेकिन नहीं मिली कचरे से निजात नहीं

राजसमंदएक महीने पहले
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  • कचरे के ढेरों से ग्रामीण क्षेत्र स्वच्छता सर्वेक्षण में कहीं पिछड़ नहीं जाएं

स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 की रैंकिंग में प्रदेश में 23 से 11वें स्थान पर आ गया। स्वच्छता में राजसमंद की रैंकिंग में सुधार हुआ, लेकिन सेहत में सुधार नहीं हुआ। इसी एक सर्वेक्षण ग्रामीण स्तर पर भी किया जा रहा है। इसमें अलग-अलग श्रेणीवार मार्किंग की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता में अव्वल आने के लिए विभिन्न प्रकार से जतन किए जा रहे है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता सर्वेक्षण 35 प्रतिशत पब्लिक फीडबैक, 35 प्रतिशत सर्विस लेवल प्रोग्रेस व 30 प्रतिशत डायरेक्ट ऑब्जरवेशन के माध्यम होता है।

लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के लिए गांव-गांव से कचरा एकत्र कर गांव के बाहर डाला जा रहा है, जिससे कचरे का सही तरीके से निस्तारण नहीं हो रहा है। ऐसे में यह कैसी स्वच्छता है, जो गांव के बाहर कचरा फेंककर गांव को स्वच्छ बना रहे है। रेलमगरा | कस्बे को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए ग्राम पंचायत की ओर से दो सालों से घर-घर से कचरा संग्रहण के लिए ट्रैक्टर व ऑटो लगा रखे है। इन वाहनों में कचरा संग्रहण किया जा रहा हैं, लेकिन डंपिंग यार्ड नहीं होने से कचरा गांव के बाहर डाला जा रहा हैं।

यहां दिनभर कचरे में पशु मुंह मारते रहते है। रेलमगरा सरपंच आशा जाट ने बताया कि डंपिंग यार्ड के लिए तहसीलदार के पास आवेदन दिया हुआ हैं। वहां से स्वीकृत होते ही डंपिंग यार्ड चालू कर दिया जाएगा। तहसीलदार ईश्वर लाल खटीक ने बताया कि आवेदन को स्वीकृति के लिए कलेक्टर के पास भेज रखा हैं, जल्द ही स्वीकृति मिल जाएगी। तब तक पंचायत चाहे तो जो जगह आरक्षित की गई हैं उस पर कचरा डाल सकती है।

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