मक्के की फसल बर्बाद:50 से अधिक गांवों में जंगली सुअरों का आतंक, 2 बीघा खेत में खड़ी फसल कर दी खराब, बीमा के दायरे में भी नहीं आता नुकसान

राजसमंद2 महीने पहले
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नाथुवास के एक खेत में सुअरों ने बर्बाद की फसल। - Dainik Bhaskar
नाथुवास के एक खेत में सुअरों ने बर्बाद की फसल।

पहले ही मौसम की मार झेल रहे किसान अब जंगली और पालतू सुअरों के आतंक से परेशान हैं। ग्राम पंचायत राज्यावास, भाटोली, एमडी के नांदोली, पीपली डोडियान, नमाणा, पाखंड आदि गांवों में खरीफ की मुख्य फसल मक्का की सैकड़ों बीघा से अधिक फसल को नष्ट कर दिया है। इससे किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा रहा है। कुदरत के कहर के साथ-साथ नीलगाय व जंगली सुअरों के झुंड मक्का की फसल को बर्बाद कर रहे हैं।

नाथद्वारा नगरपालिका क्षेत्र में पालतू सुअरों का आतंक
नाथद्वारा शहर के नगरपालिका क्षेत्र में पालतू सुअरों का आतंक है। नाथुवास के किसान बसंत जोशी ने बताया कि सुअर पालक सुअरों को खुले में खेत की तरफ छोड़ देते हैं। जो खेतों में फसलों को चौपट कर रहे हैं। जोशी ने बताया कि मंगलवार रात को भी सुअरों के झुंड ने करीब 2 बीघा में मक्का की फसल को खराब कर दिया। नगरपालिका में शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं की जाती है।

डराने-भगाने पर भी नहीं जाते जंगली सुअर
किसान राधेश्याम कीर ने बताया कि दो साल से जंगली सुअरों से हुए नुकसान को देखते हुए खेत में मक्का लगाने का मन नहीं होता है। खेत से जरा सी नजर हटाते ही सुअर फसल चौपट कर देते हैं। रात के समय में जंगली सुअरों के झुंड खेतों में घुसकर फसलों को बर्बाद कर देते है। डराने भगाने पर भी सुअर नहीं भागते है।

कृषि और वन विभाग भी लाचार
किसानों द्वारा मक्की की फसल के नुकसान की शिकायत कृषि और वन विभाग को कई बार की गई है, लेकिन क्षेत्र में जंगली सुअरों की संख्या ज्यादा हो गई है, ऐसे में विभाग के लिए भी जंगली सुअरों को पकड़ना संभव नहीं है। जानवरों द्वारा हुए फसलों के नुकसान का मुआवजा देने से बीमा कंपनियां भी अपने हाथ खींच लेती है, क्योंकि जानवरों से फसल को नुकसान बीमा के दायरे में नहीं आता है।

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