पिंजरे में कैद हुआ नर तेंदुआ:आबादी क्षेत्र में मवेशियों का करता था शिकार, ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने लगाया पिंजरा, सुरक्षित जंगल में छोड़ा

राजसमंद2 महीने पहले
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पिंजरे में कैद तेंदुआ। - Dainik Bhaskar
पिंजरे में कैद तेंदुआ।

जिले के केलवाड़ा क्षेत्र की कोटि की भागल में वन विभाग द्वारा लगाए पिंजरे में बुधवार रात को तेंदुआ कैद हो गया। गुरुवार सुबह वन विभाग को सूचना मिली कि तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया है। इसके बाद कुंभलगढ़ रेंजर किशोर सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तेंदुए को पिंजरे सहित कब्जे में लिया। सूचना पर कुंभलगढ़ एसडीएम जयपाल सिंह राठौड़, तहसीलदार सज्जन राम, वन रक्षक हेमंत नागदा और वन्यजीव सहयोगी तेजराज भी पहुंचे। उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन पर टीम ने तेदुएं को जंगल में छोड़ दिया।

दरअसल तेंदुआ आबादी क्षेत्र में आकर पालतु पशुओं को अपना शिकार बना रहा था। तेंदुए ने एक दिन पहले भी आबादी क्षेत्र में आकर पृथ्वी सिंह राजपूत के प्लॉट में भैंस के बच्चे का शिकार किया था। इस पर ग्रामीणों ने वन विभाग से पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग की थी। जिसके बाद वन विभाग ने ग्रामीणों द्वारा बताए रास्ते पर बुधवार रात को पिंजरा लगाया। रात को शिकार की तलाश में आया तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। पिंजरे में कैद हुए तेंदुए की उम्र करीब 6 वर्ष है।

बता दें कि वन्यजीव अभ्यारण कुंभलगढ़ में 200 सहित राजसमंद जिले में करीब 500 तेंदुए है। राजसमंद जिले में करीब हर क्षेत्र में तेंदुए की आवाजाही है। जिले में तेंदुए की आबादी में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कुंभलगढ़ वन्यजीव अभ्यारण में हर साल गणना होने के कारण इसके आंकड़े का पता चल जाता है। संसाधन की कमी होने के कारण पूरे जिले में तेंदुए की गणना के सही आंकड़े नहीं मिल पाते हैं।

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