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  • The MP Met The Railway Minister And Discussed The Railway Problems Of Rajsamand, Merta, Degana, Beawar And Jaitaran In The Union Budget.

मांग:सांसद ने रेलमंत्री से मुलाकात कर केंद्रीय बजट में राजसमंद, मेड़ता, डेगाणा, ब्यावर और जैतारण की रेल समस्याओं पर चर्चा की

राजसमंद4 महीने पहले
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केंद्रीय रेल मंत्री को पत्र सौंपती सांसद। - Dainik Bhaskar
केंद्रीय रेल मंत्री को पत्र सौंपती सांसद।
  • सांसद दीयाकुमारी ने मावली-मारवाड़ आमान परिवर्तन को दो चरणों में करने की मांग की

सांसद दीयाकुमारी ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर संसदीय क्षेत्र के मेड़ता, डेगाणा, ब्यावर, जैतारण और राजसमंद में ब्रॉडगेज, नई रेल लाइनों, यात्री सुविधाओं का विकास तथा ट्रेनों के ठहराव की मांग रखी। सांसद ने रेलवे की विभिन्न समस्याओं को विधानसभावार पेश किया।

संसदीय क्षेत्र में विधानसभा क्षेत्र डेगाना और गोटन में जैसलमेर, बाड़मेर से चलकर नई दिल्ली सराय रोहिल्ला को जाने वाली मालाणी एक्सप्रेस का ठहराव था। ट्रेन को शालीमार एक्सप्रेस बनाकर जम्मूतवी तक विस्तारित किया, लेकिन विस्तारीकरण के साथ ही ठहराव गोटन और डेगाना में बंद कर दिया। यह क्षेत्र औद्योगिक क्षेत्र है और ठहराव बंद होने से यात्रियों को परेशानी हाे रही हैं। इसी तरह मेड़ता राेड, ब्यावर, सेंदड़ा, रेन सहित स्टेशन पर भी विभिन्न ट्रेनों के ठहराव की मांग रखी।

मावली-मारवाड़ आमान परिवर्तन दो चरणों में करने की मांग : सांसद ने मावली-मारवाड़ रेलवे लाइन के आमान परिवर्तन की मांग रखते हुए कहा कि आगामी रेल बजट में इस काम को पूरा करने के लिए नाथद्वारा से देवगढ़ और देवगढ़ से मारवाड़ जं. नई रेल लाइन दो चरणों में बिछाने की आवश्यकता है। वर्तमान में मेवाड़ और मारवाड़ को जोड़ने के लिए छोटी रेलवे लाइन हैं। इन दोनों ही क्षेत्रों में आवागमन और माल के आदान-प्रदान के लिए सड़क मार्ग का ही उपयोग करना पड़ रहा है।

इन दोनों क्षेत्रों के बीच ब्रॉडगेज लाइन बिछने के बाद उद्योग जगत में खासा उछाल भी आएगा। मारवाड़ के उत्पाद मेवाड़ में सीधे रेलवे मार्ग से पहुंचेंगे। याेजना के तहत पूर्व में रेलवे मंत्रालय ने मंजूरी की थी, लेकिन कुछ कारणों से काम अधूरा रह गया। मीटरगेज रेलवे मार्ग को बदलने के लिए बरसों से मांग की जा रही थी। रेलवे ट्रैक का आमान परिवर्तन कराने के लिए रेलवे मंडल ने कई बार सर्वे कराया है। ट्रैफिक सर्वे में रेलवे अधिकारियों ने इस मार्ग को उपयुक्त पाया है।

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