लाल गोल पाग में सजे श्रीजी प्रभु:हरे घेरदार वागा और चोली सहित मोती और सोने के गहने धराए, भोग आरोगाया

राजसमंद5 महीने पहले
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श्रीनाथजी (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
श्रीनाथजी (फाइल फोटो)

मार्गशीर्ष शुक्ल द्वादशी (बुधवार) को श्रीनाथजी प्रभु की हवेली में बाल स्वरूपों को शीतकाल का शृंगार धराया। सुबह शृंगार झांकी में मुखिया बावा ने श्रीजी प्रभु को आलौकिक शृंगार धराकर राग भोग और सेवा के लाड लड़ाए। श्रीठाकुरजी को एक विशिष्ट लकड़ी की चौकी पर रखकर भोग अरोगाया गया। चौकी की सामग्री श्रीनवनीतप्रियाजी के घर से सिद्ध होकर लाई गई। श्रद्धालुओं ने श्रीजी की कई झांकियों के दर्शन किए।

सुबह शृंगार झांकी मुखिया बावा ने श्रीनाथजी प्रभु के श्रीचरणों में गुलाबी फौंदा वाले मोजाजी धराए। श्रीअंग पर हरे रंग की साटन का लाल गॉट वाला सूथन, घेरदार वागा और चोली अंगीकार कराई गई। लाल दरियाई वस्त्र के बंध धराए। सफेद लट्ठा के ठाड़े वस्त्र धराए। श्रीजी को छोटा (कमर तक) चार माल का हल्का शृंगार धराया। मोती के सभी गहने धराए। श्रीमस्तक पर लाल गोलपाग, सिरपेंच, दोहरा मोर कतरा और बायीं ओर शीशफूल सुशोभित किया।

श्रीकर्ण में कर्णफूल धराए। त्रवल की जगह कंठी धराई गई। सफेद और गुलाबी फूलों की दो मालाजी धराई। श्रीहस्त में सुआ के वेणुजी और वेत्रजी धराई। कंदराखंड में हरे रंग की साटन की गुलाबी हांशिया वाली पिछवाई धराई। हांशिया के दोनों ओर रुपहली ज़री की किनारी लगी होती है। गादी, तकिया और चरणचौकी पर सफेद बिछावट की गई। स्वरुप के सम्मुख लाल तेह बिछाई गई।

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