खेरागढ़ में अजगर का सफल रेस्कयू:इरादतनगर से कोबरा एनजीओ की टीम ने 11 फुट लंबे अजगर को छोड़ा जंगल

खेरागढ़16 दिन पहले

खेरागढ़: ताज नगरी आगरा की खेरागढ़ तहसील के इरादतनगर क्षेत्र से कोबरा एन०जी०ओ० की टीम ने नहर के किनारे एक खेत से 11 फीट लंबे अजगर का सफल रेस्क्यू किया हैं। मुख्य रेसक्यूअर अंशुल दीप शाह ने बताया हैं कि अजगर को प्राथमिक उपचार कर सर्प को पुनर्वास हेतु सुरक्षित उसके प्रकृतिक परिवेश में छोड़ दिया गया हैं।

थाना इरादत नगर क्षेत्र के ग्राम महादेवा में नहर किनारे एक खेत में तकरीबन 11 फुट लंबे अजगर को देखकर ग्रामीणों के होश उड गए। डरे सहमे ग्रामीणों ने इतना बड़ा अजगर सांप को देखे जाने की सूचना कोबरा एन०जी०ओ० के हेल्पलाइन नंबर पर दी। सूचना मिलते ही रात्रि में ही आगरा से करीब से 45km दूर कोबरा एन०जी०ओ० चीफ रेसक्यूअर अंशुल दीप शाह पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और अजगर के रेस्क्यू करने में जुट गए। इस दौरान तकरीबन 11 फुट लंबे और लगभग 40 किलो वजनी अजगर सांप का सफल रेसक्यू किया गया।

मौके पर पहुंची टीम कोबरा एन०जी०ओ० को ग्रामीणों ने बताया कि पास में खेल रहे कुछ बच्चों ने किसी अनजान शख्स को मोटरसाइकल से अजगर सांप को बांधकर घसीटते हुये नहर के किनारे खेत में फेंकते हुए देखा था। मोटरसाइकल चालक ने अपना मुंह कपड़े से बांधे रखा था, इस कारण उसकी पहचान किसी भी ग्रामीण को नहीं हो पाई। कोबरा एन०जी०ओ० संस्थापक एवं मुख्य रेसक्यूअर अंशुल दीप शाह ने बताया कि गनीमत रही कि गांव के रास्ते कच्चे होने के कारण घसीटे जाने के बाद भी अजगर सांप को गंभीर चोटें नहीं आयीं परंतु मोटरसाइकल से बांधकर सर्प को घसीटे जाने के कारण छोटी-मोटी खरोंचे आयीं है, जिनका प्राथमिक उपचार कर सर्प को पुनर्वास हेतु सुरक्षित उसके प्रकृतिक परिवेश में छोड़ दिया गया है।

जहां अजगर अपना जीवन आराम से जी पाएगा।अंशुल दीप शाह ने आगे जानकारी देते हुये बताया कि इन बेज़ुबान, निर्दोष जीव-जंतुओं के साथ इस तरह का व्यवहार कदापि उचित नहीं हैं, ये बेज़ुबान जानवर अपनी भूख की खातिर इंसानी बस्तियों में प्रवेश कर जाते है जिसकी कीमत कभी-कभी इन्हें अपनी जान गंवा कर चुकानी पड़ती हैं। अजगर एक पर्यावरण मित्र सर्प है जो कि पूरी तरह से बिन विषैला होता है। जिसे वन्य जीव-जन्तु संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची 1 में संरक्षित किया गया हैं। इस जीव के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार करना, मारना-पीटना, बंधक बनाना, पालना अथवा किसी भी रूप में प्रताड़ित करना सभी कानूनन अपराध हैं। जिसमें सजा या जुर्माना अथवा दोनों का ही प्रावधान हैं।

परंतु शिक्षा एवं जानकारी के अभाव के चलते आए दिन सर्प अथवा अन्य निर्दोष जंगली जीव-जंतुओं को इन्सानों द्वारा मार दिये जाने कि खबरें आतीं रहती हैं। उन्होंने निवेदन किया हैं कि कृपया किसी भी जीव-जंतुओं को मारें नहीं। ये जीव-जन्तु हमारे राष्ट्र कि धरोहर हैं। जिनका संरक्षण करना हम सभी देश वासियों का कर्तव्य हैं। किसी भी जीव की सहायता हेतु आप कोबरा एन०जी०ओ० के हेल्पलाइन नंबर +91-9761633433, +91-9761633533 पर फोन करके सूचना दे सकते हैं।

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