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BSP शासनकाल में 127 करोड़ की BSUP योजना में घोटाला:शुभारंभ से पहले ही आगरा में खंडहर बने 3640 आवास, 15 को आएगी 3 तरह की हुई जांच रिपोर्ट; दोषियों की फंसेगी गर्दन

आगरा3 महीने पहले
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आगरा में बीएसयूपी योजना के 3640 मकान खंडहर में तब्दील। - Dainik Bhaskar
आगरा में बीएसयूपी योजना के 3640 मकान खंडहर में तब्दील।

यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री व बसपा सुप्रीमो मायावती के आदेश पर 127 करोड़ की बीएसयूपी (बेसिक सर्विसेज फॉर अर्बन पुअर) योजना के तहत आगरा में बने 3640 मकान अब तक आवंटित नहीं हो सके हैं। शुभारंभ से पहले ही योजना खंडहर में तब्दील हो गई। जिसे लेकर ADA (आगरा डेवलपमेंट अथॉरिटी) ने जांच भी बैठाई। अब 12 साल बाद 15 सितंबर को जांच रिपोर्ट आने वाली है। रिपोर्ट आने पर एक तरफ जहां आवंटियों को लाभ मिलेगा तो वहीं घटिया निर्माण के दोषियों की गर्दन भी फंसने वाली है।

2009 में शुरू हुई थी योजना
बता दें, बसपा के शासनकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के आदेश पर डूडा (डिस्ट्रिक्ट अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी) द्वारा बीएसयूपी योजना शुरू की गई थी। इसके तहत डूडा ने एडीए को गरीबों के लिए 3640 मकान बनाने का काम दिया था। एडीए ने एत्माउद्दौला थानाक्षेत्र के टेढ़ी बगिया इलाके में आवासों का निर्माण किया।

बीएसयूपी योजना के मकान बने खंडहर।
बीएसयूपी योजना के मकान बने खंडहर।

बीएसयूपी योजना के मकान बने खंडहर, 12 साल में नहीं हो पाया शुभारंभ

  • बीएसयूपी योजना के तहत लाटरी सिस्टम से लोगों को मकान आवंटित किए गए थे। इसके लिए लोगों ने पैसा भी जमा करवाया था। मकान बनते-बनते बसपा का शासनकाल खत्म हो गया। सपा शासन काल में अधिकारियों ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया।
  • योजना में अधिकारियों और ठेकेदारों ने निर्माण में जमकर धांधली की। उसका नतीजा यह निकला कि योजना का शुभारंभ भी नहीं हो सका। ज्यादातर मकान खंडहर में तब्दील हो गए। आधे से ज्यादा मकान की हालत ऐसी हो गई है कि उनके ध्वस्तीकरण के अलावा कोई अन्य रास्ता नहीं बचा है।
एडीए वीसी राजेंद्र पैंसिया के अनुसार, 15 सितंबर को जांच रिपोर्ट आ जाएगी।
एडीए वीसी राजेंद्र पैंसिया के अनुसार, 15 सितंबर को जांच रिपोर्ट आ जाएगी।

67 लाख रुपए चार्ज देकर जांच कराई गई
आवास विकास प्राधिकरण के तत्कालीन अधिकारियों और ठेकेदारों द्वारा किए गए इस घोटाले के सामने आने के बाद 127 करोड़ की इस योजना की जांच के लिए इसी साल जनवरी माह में IIT रुड़की को 67 लाख रुपए चार्ज देकर जांच कराई गई। एडीए वीसी राजेंद्र पैंसिया के अनुसार, 15 सितंबर को जांच रिपोर्ट आ जाएगी।

तीन तरह की हुई है जांच
विभाग द्वारा IIT रुड़की के प्रोफेसर्स को 3 तरह की जांच के लिए निर्देशित किया गया है। पहली रिपोर्ट में ध्वस्त करने लायक मकान, दूसरी रिपोर्ट में मरम्मत के लायक मकान और तीसरी रिपोर्ट में सही हालत के मकानों को चिन्हित किया जाना है।

दोषियों पर होगी कार्रवाई
एडीए वीसी राजेंद्र पैंसिया के अनुसार, 15 सितंबर को रिपोर्ट आने के बाद सही हाल के मकानों को आवंटित किया जाएगा। जो मकान मरम्मत के लायक हैं उनकी मरम्मत कर उन्हें आवंटित किया जाएगा। ध्वस्त होने लायक मकानों को ध्वस्त कर उनके पुनर्निर्माण पर विचार किया जाएगा। इस मामले में जो दोषी पाए जाएंगे, उन पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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