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वैक्सीनेशन के चलते फुटबॉल बना युवक:आगरा में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही आई सामने, युवक ने कोवैक्सिन लगवाई थी, कोवीशिल्ड लिखा हुआ कार्ड थमाया

आगरा3 महीने पहले
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​​​​​​​हीरेन्द्र ने सीएमओ कार्यालय पर स्वास्थ विभाग के अधिकारियों से शिकायत की है। - Dainik Bhaskar
​​​​​​​हीरेन्द्र ने सीएमओ कार्यालय पर स्वास्थ विभाग के अधिकारियों से शिकायत की है।

कोरोना महामारी से बचाव के लिए वैक्सीनेशन करवाना एक व्यक्ति के लिए परेशानी का सबब बन गया है। पहले बिना वैक्सीन लगाए मेसेज आ गया और फिर जैसे तैसे वैक्सीन लगी तो उसके कार्ड पर कोविशील्ड अंकित कर दिया गया। जबकि उसे कोवैक्सीन लगाई गई है।अब पीड़ित अधिकारियों के चक्कर काट रहा है।

5 जून को वैक्सीनेशन के लिए बुलाया था
28 वर्षीय हीरेन्द्र नरवार मधु नगर देवरी रोड के निवासी हैं। कोरोना महामारी को लेकर इन्होंने भी वैक्सीन लगवाने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया था। इनको वैक्सीन लगवाने के लिए 5 जून दोपहर 11 से 2 के बीच का समय दिया गया था। हीरेन्द्र वैक्सीनेशन के लिए पोर्टल पर दिए हुए सेंटर विभव नगर पहुंचे तो वहां अपनी डिटेल देने पर स्वास्थ कर्मी ने कहा कि आपका रिकॉर्ड शो नही हो रहा आप इंतजार करिए। करीब आधा घंटे इंतजार के बाद भी जब रिकार्ड शो नही हुआ तो हीरेन्द्र बिना वैक्सीन लगवाए घर वापस आ गए। कुछ देर बाद ही हीरेन्द्र के मोबाइल पर एक मैसेज आया कि आपको पहली डोज कोवीशिल्ड लगा दी गयी है।

दूसरी डोज के लिए एक महीने बाद का दिया समय
इस मैसेज के बाद हीरेन्द्र परेशान हो गए और उन्होंने स्वास्थ विभाग द्वारा दिये गए हेल्प लाइन नंबरों पर फ़ोन किया तो वहां से उसे जबाब मिला कि आप आज की बात भूल जाइए और दो दिन बाद सोमवार 7 जून को उसी विभव नगर सेंटर पर चले जाइये आपको वैक्सीन लग जायेगी। इस पर हीरेन्द्र ने राहत की सांस ली और 7 जून को दिए हुए समय पर सेंटर पहुंच गया।

यंहा हीरेन्द्र को वैक्सीन लगा दी गई और जो सरकारी कार्ड दिया उसमें कोवैक्सिन लगाने की जानकारी अंकित कर दी गयी। कार्ड में यह भी लिखा गया कि दूसरी डोज आपको एक महीने बाद लगवानी है।इसके बाद हीरेन्द्र घर आ गए। वैक्सीन लगवाने के एक दिन बाद हीरेन्द्र ने जब अपने सर्टिफिकेट के लिए आरोग्य सेतु खोला और सर्टिफिकेट डाउनलोड किया तो हीरेन्द्र फिर परेशान हो गया।

कोवैक्सिन लगी थी
उसके सर्टिफिकेट पर वैक्सीन का नाम कोवीशिल्ड लिखा हुआ था जबकि उसने कोवैक्सिन लगवाई थी जो सरकारी कार्ड में भी अंकित की गई। अब वीरेंद्र परेशान और चिंतित है कि आखिर वो यकीन किस पर करे। सेंटर से मिले सरकारी कार्ड पर या आरोग्य सेतु से मिले सर्टिफिकेट पर। हीरेन्द्र ने सीएमओ कार्यालय पर स्वास्थ विभाग के अधिकारियों से शिकायत की है। पूछा है कि उन्हें बताया जाए कि आखिर ये लापरवाही कैसे और क्यों हुई। पूरे मामले में सीएमओ आरसी पांडे ने मामले की जानकारी कर जांच की बात कही है।

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