फतेहपुर सीकरी के चेयरमैन त्रिलोक चंद्र मित्तल की दबंगई:आगरा में रोक के बावजूद निकाली गणेश स्थापना यात्रा, रोकने पर दरोगा को सुनाई खरी खोटी, बोले- हमारे पास नहीं आया कोई लिखित आदेश

आगराएक महीने पहले
चेयरमैन त्रिलोक मित्तल को फोन कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया तो उन्होंने कहा कि ऐसा दरोगा पहली बार देखा है।

आगरा के कस्बा फतेहपुरसीकरी क्षेत्र के भाजपा नेता और नगरपालिका चेयरमैन ने गणेश चतुर्थी पर रोक के बावजूद गणेश स्थापना यात्रा निकाली। जब स्थानीय पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो जमकर खरी खोटी सुनाई। थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों ने पूरे मामले को संभाला। लेकिन यात्रा निकालने से नहीं रोक पाए।

पूरे मामले का वीडियो सामने आया है। मामले के तूल पकड़ने पर चेयरमैन ने दरोगा पर आरोप लगाते हुए कहा कि यात्रा पर रोक का कोई लिखित आदेश उनके पास नहीं आया है।

रोक के वावजूद निकाली यात्रा

फतेहपुरसीकरी के कस्बा बाजार में चेयरमैन त्रिलोक चंद्र मित्तल की अगुवाई में शुक्रवार को क्षेत्र में गणेश प्रतिमा की स्थापना की जानी थी। स्थापना के पूर्व उनके द्वारा स्थानीय लोगों के साथ बैंड बाजों के साथ गणेश प्रतिमा को रथ पर बिठाकर यात्रा निकाली जा रही थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों का हवाला देते हुए दरोगा सुनील तोमर ने उन्हें रोका। सत्ता की हनक में चेयरमैन दरोगा से भिड गए। दरोगा को जमकर खरी खोटी सुनाई।

थाना पुलिस ने जैसे तैसे मामले को संभाला और फिर बिना बैंड बाजे के सोशल डिस्टेंसिंग के साथ गणेश प्रतिमा ले जाने की बात तय हुई। इस दौरान दोनों के बीच हुई जमकर नोक झोंक के वीडियो शनिवार को सामने आया है।

चेयरमैन ने रोक के बावजूद निकाली गणेश यात्रा
चेयरमैन ने रोक के बावजूद निकाली गणेश यात्रा

लिखित आदेश न होने की बात कहकर मामले से झाड़ा पल्ला

इस प्रकरण पर जब भाजपा के चेयरमैन त्रिलोक मित्तल को फोन कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया तो उन्होंने कहा कि ऐसा दरोगा पहली बार देखा है। जानबूझ कर ऐसा कर रहा है। हम भाजपा के लोग हैं, पढ़े लिखे चेयरमैन हैं। कोरोना का क्या ख्याल रखना है, यह हम जानते हैं। हमारे सभी लोग मास्क लगाकर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बीस-बीस आदमियों की टोली में जा रहे थे। यात्रा के लिए हमने थाना पुलिस को लिखित में अवगत कराया था।

जब उनसे पूछा गया कि खुद मुख्यमंत्री ने गणेश यात्रा या पंडाल लगाने पर रोक लगाई है तो उन्होंने जवाब दिया कि उनके पास कोई लिखित आदेश नहीं आया है। हमने बैंड वगैरह सब हटा दिया था। वीडियो में दिख रहा है कि पुलिस कर्मी खुद मास्क नहीं लगाए हैं। पूरे प्रकरण पर पुलिस कुछ बोलने को तैयार नहीं है।