आगरा में मणप्पुरम गोल्ड लूट केस:एनकाउंटर में ढेर फुटवेयर डिजाइनर का कोई क्राइम रिकॉर्ड नहीं; पुलिस के खुलासे पर उठ रहे 7 सवाल

आगरा6 महीने पहले
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बाएं से- मनीष पांडेय और निर्दोष कुमार।- फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
बाएं से- मनीष पांडेय और निर्दोष कुमार।- फाइल फोटो

आगरा के पॉश इलाके कमलानगर में शनिवार को 5 बदमाशों ने मणप्पुरम गोल्ड फाइनेंस कंपनी से 17 किलो सोना और 5.5 लाख कैश लूट लिया। यह वारदात सेंट्रल बैंक रोड पर पुलिस चौकी से महज 50 मीटर की दूरी पर हुई। इसके महज डेढ़ घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपी लुटेरे मनीष पांडेय और निर्दोष कुमार को एनकाउंटर में गोली मारकर घायल किया, जिनकी इलाज के वक्त मौत हो गई। निर्दोष फुटवेयर डिजाइनर था।

इस एनकांउटर के बाद पुलिस जो कहानी बता रही है, उस पर कई सवाल खडे़ हो रहे हैं। पुलिस का कहना है कि बदमाशों ने उन पर फायर किया था, जवाबी कार्रवाई में बदमाशों के गोली लगी। जबकि सूत्र बताते हैं कि बदमाशों ने पुलिस टीम पर कोई फायर नहीं किया। उन्होंने भागने की कोशिश की थी तो पुलिस ने उनके पैर में गोली मारी थी। एनकाउंटर में मारा गया निर्दोष का कोई क्राइम रिकॉर्ड भी नहीं है।

पुलिस के खुलासे और एनकाउंटर पर उठ रहे ये सवाल

  1. लूट करने के बाद बदमाश मेडिकल स्टोर पर क्या कर रहे थे। ऐसा क्या काम था जो वो मेडिकल स्टोर पर रुके?
  2. पुलिस का कहना है कि बदमाश मेडिकल स्टोर में घुस कर शटर नीचे कर पुलिस पर फायर कर दिया तो पुलिस की जवाबी गोली बदमाश के सीने में ही कैसे लगी?
  3. घटना स्थल पर जब पुलिस घायल बदमाशाें को ले जा रही थी, वहां पर फोटो लेने वाले लोगों के मोबाइल से फोटो क्या डिलीट कराए गए?
  4. जब पुलिस को घायल बदमाशों को उपचार उपलब्ध कराना था तो उन्हें सीधे एसएन मेडिकल कॉलेज क्यों नहीं भेजा, उन्हें एत्मादपुर सीएचसी क्यों ले जाया गया। क्या सीएचसी पर गंभीर घायल मरीज के इलाज की सुविधाएं हैं?
  5. पुलिस ने सीएचसी पर डाक्टरों और अन्य स्टाफ के मोबाइल फोन क्यों बंद करा दिए थे?
  6. पुलिस द्वारा सूचना मिलने के बाद हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया था और बैग के रंग को भी पता चल गए थे तो इसके बाद बदमाशा कमला नगर, वाटर वक्र्स, रामबाग छलेसर कुबरेपुर पार करते हुए एत्मादपुर कैसे पहुंच गए, क्या रास्ते में कहीं इनकी चेकिंग नहीं हुई?
  7. बदमाश खंदौली तक कैसे पहुंचे, पुलिस ने इनके पास लूट का माल और तमंचा बरादम किया तो इनका वाहन बरामद क्यों नहीं हुआ?

मारा गया मनीष हत्या के जुर्म जेल गया था
पुलिस एनकाउंटर में मारे गए बदमाश मनीष पांडेय का आपराधिक इतिहास पुलिस को मिला है। मनीष वर्ष 2014 में फिरोजाबाद में हुए मुकेश यादव हत्याकांड में अभियुक्त था। थाना उत्तर में मुकदमा दर्ज होने के बाद वो परिवार सहित फरार हो गया था। जमानत पर रिहा होने के बाद वो वर्तमान में वो नोएडा में रह रहा था। वहीं, दूसरा बदमाश निर्दोष फिरोजाबाद के गांव रसीदपुर कनेटा का रहने वाला था। उसका अभी कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला है। निर्दोष ने चेन्नई से फुटवियर डिजाइनिंग का डिप्लोमा किया था। वो भी नोएडा रहता था। दो-तीन माह में गांव में आता था।

अभी तीन चल रहे फरार, तलाश जारी

कमलानगर में मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड कंपनी का ऑफिस है। शनिवार की दोपहर 4 बदमाशों ने स्टाफ को बंधक बना लिया था। जिसके बाद बदमाशों ने 17 किलो सोना और 5 लाख रुपए लूट ले गए थे। बदमाशों ने यह पूरी घटना महज 25 मिनट में अंजाम दी। बदमाश दोपहर 2.05 बजे ऑफिस में घुसे थे। इसके बाद 2.30 बजे बाहर निकल गए। वारदात के समय कंपनी में कोई ग्राहक नहीं था। अंदर 4 कर्मचारी थे। इसके बाद पुलिस ने मुठभेड़ में दो बदमाशों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया।

मृतकों की शिनाख्त फिरोजाबाद के रहने वाले मनीष पांडेय और निर्दोष कुमार के रुप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से लूट का आधा माल और दो तमंचे व कारतूस बरामद किए थे। इनके दो साथी नरेंद्र उर्फ लाल और अंशु व एक अन्य फरार है।

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