आगरा में कुलपति ने दिया इस्तीफा:पिछले साल जुलाई में भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते कर दिया गया था कार्य विरत

आगरा4 महीने पहले
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कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने पद से इस्तीफा दे दिया है। राजभवन में भी उनका इस्तीफा स्वीकार हो गया है। - Dainik Bhaskar
कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने पद से इस्तीफा दे दिया है। राजभवन में भी उनका इस्तीफा स्वीकार हो गया है।

आगरा में स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.अशोक मित्तल ने पद से इस्तीफा दे दिया है। राजभवन में भी उनका इस्तीफा स्वीकार हो गया है। कुलपति प्रो. अशोक मित्तल पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे थे। इसके बाद कुलाधिपति ने उन्हें कार्य से हटा दिया था।

पिछले साल जुलाई से नहीं कर रहे थे काम

डा. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक मित्तल को पिछले साल पांच जुलाई को भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप के चलते कार्य से हटा दिया गया था। उनके स्थान पर लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार राय को अम्बेडकर विवि का कार्यवाहक कुलपति बनाया गया था। तब से प्रो. आलोक कुमार ही विवि में प्रभारी कुलपति के रूप में कार्य संभाल रहे हैं। इसके बाद 11 जनवरी को कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने राजभवन में अपना इस्तीफा भेजा था, जिसे स्वीकार कर लिया गया। 11 फरवरी 2020 को इन्हें कुलपति बनाया गया था।

तीन सदस्यीय समिति कर रही जांच

प्रो. मित्तल पर लगे आरोपों की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना पंड्या की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई। कमेटी ने कुलपति पर लगे आरोपों की जांच कर रिपोर्ट राजभवन में दाखिल करनी थी। वहीं, कुलपति अपने ऊपर लगे आरोपों के खिलाफ हाईकोर्ट में भी गए थे। हाईकोर्ट से उन्हें कोई राहत नहीं मिली थी। प्रो. अशोक मित्तल पहले ऐसे कुलपति रहे जो अपने कार्यकाल में दीक्षांत समारोह नहीं करा सके।