पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी का 'खेल' शुरू:आगरा में जिला पंचायत सदस्य ने पूर्व विधायक पर लगाया अपहरण का आरोप; कहा- गुर्गों ने पुत्र वधू को वोट देने का दबाव बनाया

आगरा5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

उत्तर प्रदेश में गांव की सरकार बनने के बाद अब जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर जोर आजमाइश शुरू हो गई है। ताजा मामला आगरा जिले का है। यहां कस्बा शमशाबाद के वार्ड 41 के नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य दिलकश ने अपनी जान की सुरक्षा की गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि एक पूर्व विधायक के गुर्गे उसे जबरन अपने साथ ले गए। एक स्कूल में बंदकर प्रताड़ित किया और दो दिन बाद छोड़ा है। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में पूर्व विधायक की पुत्र वधू को वोट देने का दबाव बनाया गया। पूर्व विधायक ने इस प्रकरण में कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया है। वहीं पुलिस का कहना है कि उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है।

दो दिन गायब रहा जिला पंचायत सदस्य
शमशाबाद के वार्ड 41 से निर्दलीय प्रत्याशी दिलकश का आरोप है कि 24 मई की शात अज्ञात लोग घर आए और एक पूर्व विधायक का नाम लेकर उसे बहाने से गाड़ी में बिठा लिया और दिल्ली के होटल में रखा। जहां पूरी रात रखने के बाद 25 को शमशाबाद वापस लाकर एक स्कूल में बंद रखा और प्रताड़ित किया। कहा गया कि वो जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में पूर्व विधायक डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद की पुत्र वधु को वोट देगा और तब तक कैद में रहेगा। इसके बाद अचानक अपहरणकर्ताओं ने 26 मई की शाम शमशाबाद थाने के सामने लाकर छोड़ दिया। जाते समय यह कहा कि थाने में जाकर पक्ष में बयान दे वरना हम बुरी हालत कर देंगे।

सीएम से मांगी सुरक्षा, पूर्व विधायक ने कोई बयान देने से किया इंकार

दिलकश ने बताया कि वह डर के कारण थाने पर कोई अनहोनी न होने का बयान दिया। गुरुवार को उसने मुख्यमंत्री से अपील है कि मेरी जान को खतरा है। वो रक्षा करें। प्रकरण पर पूर्व विधायक राजेंद्र प्रसाद ने कोई जानकारी न होने और कोई बयान न देने की बात कही है।

खबरें और भी हैं...