आगरा में ऑयल माफिया अरेस्ट:सस्ता ऑयल और कबाड़ी की दुकानों से पुराने डिब्बे खरीद...फर्जी लेबल लगाकर बनाते थे नकली मोबिल ऑयल, 12 शातिर दबोचे गए

आगरा6 महीने पहले
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नकली मोबिल ऑयल बनाने वाले 12 शातिर गिरफ्तार। - Dainik Bhaskar
नकली मोबिल ऑयल बनाने वाले 12 शातिर गिरफ्तार।
  • सस्ता आयल खरीदते थे उसमें एसेंस और कलर आदि मिलाकर नकली मोबिल बनाते थे।
  • बाजार में कबाड़ी की दुकानों से पुराने डिब्बे खरीदकर उनमें नकली मोबिल ऑयल भरकर मशीन से लेबल लगा देते थे।

आगरा में एसओजी और पुलिस ने नकली मोबिल ऑयल बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरफ्त में आए ऑयल माफिया गिरोह के सदस्यों ने कबूल किया है कि वो बाजार से सस्ता ऑयल खरीदकर उसकी ब्रांडिंग करते थे जिसके बाद उसे बाजार में बेच दिया करते थे। थाना खन्दौली के पीली पोखर क्षेत्र में पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई के दौरान नकली ऑयल फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए 12 अभियुक्त और भारी मात्रा में नकली मोबिल ऑयल और ब्रांडेड ऑयल के डिब्बे, ढक्कन और मशीन बरामद हुई हैं।

चेकिंग के पकड़ा गया टेम्पो, फिर फैक्ट्री पर मारा छापा
जानकारी के अनुसार थाना खन्दौली के पीलीपोखर क्षेत्र में पुलिस और एसओजी टीम द्वारा चेकिंग की जा रही थी।इसी दौरान एक लोडिंग टेम्पो को रोका गया तो उसमें भारी मात्रा में मोबिल ऑयल के कार्टून मिले और उन्हें लेकर जा रहे तीन युवक अरमान, सनी और इकरार से पूछताछ करने पर उनके पास से 11000 रुपये भी बरामद हुए। उन्होंने बताया कि यह मोबिल ऑयल नकली है। इसे फैक्ट्री में बनाकर बेचते हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने तत्काल जाकर फैक्ट्री में छापा मारा तो मौके से 12 लोग गिरफ्तार हुए और भारी मात्रा में सामान बरामद हुआ।

शातिर गैंगेस्टर हैं मास्टरमाइंड

ऑयल माफिया से भारी मात्रा में सामान बरामद।
ऑयल माफिया से भारी मात्रा में सामान बरामद।

फैक्ट्री के मालिक शारिक और शकील पहले भी भी नकली मोबिल ऑयल बनाने के लिए गिरफ्तार हो चुके हैं। तत्कालीन सीओ विकास जायसवाल ने इन पर गैंगेस्टर एक्ट में कार्रवाई भी की थी। बताया जा रहा है कि यह इनका खानदानी काम है।

नकली मोबिल ऑयल बनाने का जखीरा बरामद
एसपी ग्रामीण सत्यजीत गुप्ता के अनुसार 140 डिब्बे नकली 4टी ऑयल, 140 डिब्बे नकली कैस्ट्रोल ऑयल, 10900 खाली डिब्बे, 1200 डिब्बे, 20 लीटर के 60 डिब्बे, 52 ड्रम, 3 ड्रम ऑयल लगभग 400 लीटर, 2 ऑयल निकालने वाली मशीन,ढक्कनों पर लेबल लगाने की दो मशीन, मापक, टेम्पो, कीप आदि बरामद किया गया है।

बड़े शातिर तरीके से बनाते थे नकली ऑयल
अभियुक्तों ने बताया कि वो श्यामलाल ट्रेडर्स से वो सस्ता आयल खरीदते थे उसमें एसेंस और कलर आदि मिलाकर नकली मोबिल बनाते थे। बाजार में कबाड़ी की दुकानों से पुराने डिब्बे खरीदकर उनमें नकली मोबिल ऑयल भरकर मशीन से लेबल लगा देते थे। बाजार से लाकर नया ढक्कन लगाने के बाद अधिकांश लोग इसकी कोई पहचान नहीं कर पाते हैं।

ऐसे करें असली नकली की पहचान
अधिकांश लोग मोबिल ऑयल खरीदते समय ध्यान नहीं देते हैं, जबकि खरीदते समय उन्हें ध्यान देना चहिये की कहीं डिब्बा लीक तो नहीं कर रहा है। डिब्बा ज्यादा पुराना तो नहीं है और उसकी सील के बीच में सिकुड़न आदि न दिखाई दे। नए ऑयल को गाड़ी में डलवाने से पहले उसे उंगली से छूकर उसकी चिकनाहट और रंग का भी निरीक्षण करना चाहिए।

छत्ता का जीनखाना क्षेत्र इस काम के लिए मशहूर
जीनखाना क्षेत्र के हर घर मे यह काम होता था। कई साल से सेटिंग के दम पर यह काम होता चला आ रहा था। गलियों के बाहर पहले से लोग खड़े रहते थे और पुलिस या कोई भी अन्य को आता देख उसे रोक कर बातों में फंसाते थे और तब तक वहां हर घर में ताले लग जाते थे। एक साल पहले सीओ विकास जायसवाल की सख्त कार्रवाई के बाद 2 दर्जन से अधिक लोगों पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था और कई फैक्ट्रियां बन्द की गई थीं। इसके बाद बदमाशों ने फैक्ट्रियों को देहात क्षेत्र, एत्मादपुर, बरहन, खन्दौली, ताजगंज और अन्य कस्बों में स्थानांतरित कर लिया। पकड़े गये ज्यादातर अभियुक्त जिमखाना क्षेत्र के ही हैं।

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