​​​​​​​​​​​​​​पीएम और कंगना के खिलाफ कोर्ट में वाद:वकील ने आगरा कोर्ट में दायर की याचिका; कहा- कंगना ने गांधी जी की अहिंसा का उड़ाया था मजाक

आगरा2 महीने पहले
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आगरा न्यायलय में अभिनेत्री कंगना रनोट के खिलाफ परिवाद दाखिल किया गया है। - Dainik Bhaskar
आगरा न्यायलय में अभिनेत्री कंगना रनोट के खिलाफ परिवाद दाखिल किया गया है।

आगरा कोर्ट में अभिनेत्री पीएम नरेंद्र मोदी और कंगना रनोट के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की गई। कंगना पर राष्ट्रदोह का मुकदमा दर्ज कराने के लिए। जबकि पीएम मोदी पर साजिश रचने के आरोप लगाए हैं। कंगना पर आजादी भीख में मिलने की बात कहने के साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के खिलाफ अमर्यादित बात बोलने का आरोप है। कोर्ट ने पुलिस से जांच रिपोर्ट मांगते हुए सुनवाई के लिए 25 नवंबर की तारीख तय की है।

पीएम मोदी और कंगना के खिलाफ यह याचिका राजीव गांधी बार एसोसिएशन आगरा के अध्यक्ष रमाशंकर शर्मा ने दाखिल की है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि 17 नवंबर को कंगना के बयान के बारे में पता चला। उन्होंने गांधीजी के अहिंसा की सीख ' कोई एक गाल पर मारे तो दूसरा आगे कर दो' का भी मजाक उड़ाया है। इस बयान के अनुसार कंगना पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। अधिवक्ता की ओर से बीएस फौजदार पैरवी कर रहे हैं। इस परिवाद को सीजेएम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने थाना न्यू आगरा से मामले की जांच रिपोर्ट मांगी है।

याचिका में कहा-पीएम ने कार्रवाई नहीं करके ऐसे लोगों का समर्थन किया

कंगना पर आजादी भीख में मिलने की बात कहने के साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के खिलाफ अमर्यादित बात बोलने का आरोप है।
कंगना पर आजादी भीख में मिलने की बात कहने के साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के खिलाफ अमर्यादित बात बोलने का आरोप है।

कंगना रनोट के खिलाफ वाद दाखिल करने के दौरान अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने पीएम को भी घेरा। पहले साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के गलत बयान पर कार्रवाई नहीं करने के लिए। फिर कंगना रनोट के गलत बयान पर भी पीएम की तरफ से कार्रवाई नहीं हुई।

उनकी दलील है कि पीएम की तरफ से कार्रवाई नहीं होने से उन्होंने कर्तव्य को पूरा नहीं किया। ऐसे लोगों का समर्थन कर रहे हैं। इसलिए वह भी 120 बी यानी साजिश रचने के आरोपी हैं।

क्या कहा था कंगना ने

कंगना ने लिखा है, जो लोग स्वतंत्रता के लिए लड़े उन्हें उन लोगों ने अपने मालिकों को सौंप दिया जिनमें हिम्मत नहीं था न ही खून में उबाल। वे सत्ता के भूखे और चालाक थे...। ये वही थे जिन्होंने हमें सिखाया कि अगर कोई तुम्हें थप्पड़ मारे तो उसके आगे एक और झापड़ के लिए दूसरा गाल कर दो। इस तरह तुमको आजादी मिल जाएगी...। ऐसे किसी को आजादी नहीं मिलती सिर्फ भीख मिलती है। अपने हीरो समझदारी से चुनें।

अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा कि कंगना ने गांधीजी के अहिंसा की सीख का मजाक उड़ाया है। उन पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा कि कंगना ने गांधीजी के अहिंसा की सीख का मजाक उड़ाया है। उन पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।

विवादों से रहा है रिश्ता

कंगना के इस बयान के बाद पूरे देश में कई जगह उनके खिलाफ केस दर्ज कराए गए हैं। इसके अलावा कई बड़े नेताओं ने भी कंगना की निंदा की है। हालांकि इसके बावजूद उनके विवादित बोल जारी हैं। कंगना ने सरकार की ओर से कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद भी विवादित बयान दिया था।

उन्होंने कहा था, 'खालिस्तानी आतंकवादियों ने भले ही आज सरकार की बांह मरोड़ दी हो। लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि एक महिला प्रधानमंत्री ने इन्हें कुचल दिया था। चाहे इसकी वजह से देश को कितना भी कष्ट क्यों न हुआ हो। उनके इस बयान को लेकर भी सिख समाज में गुस्सा है।