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फिरोजाबाद में 3 बच्चों की यमुना में डूबने से मौत:नदी में डूब रहे बच्चों ने शोर मचाया तो कुछ दूरी पर काम कर रहे किसानों ने नदी में छलांग लगाकर निकाल भी लिया, लेकिन बचा नहीं सके

फिरोजाबाद20 दिन पहले
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यमुना में नहाते समय 3 बच्चों की नदी में डूबने से मौत। - Dainik Bhaskar
यमुना में नहाते समय 3 बच्चों की नदी में डूबने से मौत।

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में यमुना नदी में डूबकर तीन बच्चों की मौत हो गई। बच्चे नदी में नहा रहे थे। नदी में डूबते समय बच्चों ने शोर मचाया। आवाज सुनकर कुछ दूरी पर काम कर रहे किसानों ने नदी में छलांग भी लगा दी और बच्चों को बाहर निकाला, लेकिन उनको बचा नहीं सके। बच्चों की मौत की खबर से परिवार में कोहराम है।

थाना नगला खंगर क्षेत्र के गांव मढ़ई निवासी राम प्रदीप (10) पुत्र राजेश कुमार, नीलम (11) पुत्री ब्रजेश और धनदेवी (10) पुत्री हरी सिंह तीनों बच्चे साथ में बकरियां चराने निकले थे। इस बीच गर्मी लगने पर वो बकरियों को यमुना किनारे छोड़ नदी में नहाने चले गए। इस बीच नहाते समय वो तेज बहाव के चलते नदी में डूब गए। नदी में डूबने से तीनों बच्चों की मौत हो गई।

बच्चों को बचाने के लिए किसान नदी में कूदे

नदी में डूबते समय बच्चों ने मदद के लिए जोर-जोर से शोर मचाया। आवाज सुन नदी किनारे खेत में काम कर रहे एक किसानों की उनपर निगाह पड़ गई। किसान ने बच्चों को बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। फिर बच्चों को नदी से बाहर निकाला। पेट में पानी भर जाने की वजह से बच्चे बेहोश हो गए थे।

बच्चों की मौत से गांव में मातम का माहौल।
बच्चों की मौत से गांव में मातम का माहौल।

सूचना मिलते ही पहुंचे परिजन, पहुंचाया अस्पताल

किसानों ने बच्चों के पेट से पानी निकालने की कोशिश की। इसके बाद उनके परिजनों को सूचित किया। सूचना मिलते ही बच्चों के परिजन वहां पहुंच गए और उनको अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने तीनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया।

मातम का माहौल, गांव में हुआ अंतिम संस्कार

बच्चों की मौत से गांव में मातम का माहौल छा गया। बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एसडीएम सिरसागंज नवनीत कुमार गोयल और सीओ सिरसागंज देवेंद्र सिंह ने बताया कि, बच्चों का यहां प्रतिदिन आना जाना था, लेकिन आज बहाव तेज होने के कारण बच्चे अपने आप को संभाल नहीं सके और बहाव के साथ चले गए। परिजनों ने बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया था। परिजनों ने गांव में ही बच्चों का अंतिम संस्कार करा दिया।

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