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आगरा में कोविड मरीज संग अशोभनीय कृत्य:कोरोना संक्रमित वकील युवती की मौत, पिता का आरोप- डॉक्टर्स ने बेटी के साथ किए गलत काम; CBI जांच की मांग

आगरा4 महीने पहले
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पीड़ित पिता ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, सुप्रीम कोर्ट से लेकर तमाम जगह स्पीड पोस्ट के माध्यम से शिकायत की है और इंसाफ की गुहार लगाई है। - Dainik Bhaskar
पीड़ित पिता ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, सुप्रीम कोर्ट से लेकर तमाम जगह स्पीड पोस्ट के माध्यम से शिकायत की है और इंसाफ की गुहार लगाई है।

ताजनगरी आगरा से अशोभनीय कृत्य सामने आ रहा है। यहां के एक नामी अस्पताल के डॉक्टर्स के ऊपर कोविड संक्रमित वकील युवती के साथ गलत काम करने का आरोप लगा है। इसके साथ ही मौत के बाद भी 5 लाख रुपए वसूलने का भी आरोप लगाया गया है। वकील युवती की इलाज के दौरान मौत के बाद उसके पिता ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, सुप्रीम कोर्ट से लेकर तमाम जगह स्पीड पोस्ट के माध्यम से शिकायत की है और इंसाफ की गुहार लगाई है।

5 मई को हुई थी भर्ती, 13 मई को डॉक्टर्स ने किया था अशोभनीय काम
मामला थाना जगदीश पूरा का है। यहां की रहने वाली वकील युवती कोविड संक्रमण होने पर 5 मई को आगरा के सूरसदन चौराहे पर स्थित विम्स रामरघु अस्पताल में भर्ती हुई। पिता का आरोप है कि बेटी को मामूली संक्रमण था, लेकिन लाखों रुपए की दवाएं खर्च हो जाने के बाद भी वो ठीक नहीं हुई। अस्पताल बेटी के जल्दी ठीक होने की बात कहकर उन्हें बहलाता रहा। 19 मई को उसकी मौत हो गई। इस बीच उन्हें उनकी दूसरी बेटी व बेटे ने बताया कि वकील बेटी के साथ 13 मई को डॉक्टर्स ने अशोभनीय काम किया था। बहन ने बदनामी के डर से उन्हें यह बात किसी से बताने को मना किया था। उसके साथ हुए गंदे काम के चलते अवसाद में आने की वजह से उसकी मौत हुई है।

अस्पताल ने वसूले रुपए पर नहीं दिखाए सीसीटीवी
मृतका के पिता का आरोप है कि बेटी की मौत के बाद अस्पताल ने उनसे 5 लाख 8 हजार रुपए का बिल वसूल लिया। अशोभनीय कृत्य की जब उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से शिकायत की तो अस्पताल प्रशासन मानने को तैयार नहीं हुआ और न ही सीसीटीवी फुटेज दिखाए गए।

पहले से सवालों के घेरे में है अस्पताल
विम्स रामरघु अस्पताल पिछले साल एक रिटायर्ड सीओ की ऑक्सीजन न मिलने के कारण मृत्यु और नियम के खिलाफ 20 दिन में 11 लाख रुपए का बिल बनाने के मामले में फंस चुका है। इस बार भी अस्पताल पर कई आरोप लगे। एक मामले में आठ लाख का बिल बनाने पर शिकायत होने के बाद 4 लाख की वापसी भी अस्पताल द्वारा की गई है। बताया जाता है कि भाजपा के एक माननीय की कृपा के चलते अस्पताल पर कार्रवाई नहीं हो रही है, जबकि बिल के रुपए वापस करके अस्पताल खुद को ज्यादा रुपए वसूलने के दोषी बन चुका है।

यह कह रहा स्वास्थ्य विभाग
सीएमओ डॉ. आरसी पांडे के अनुसार, अभी विभाग और पुलिस को कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत आने पर जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

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