पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

UP में 75 दिन बाद आंकड़ा हजार पार:मथुरा की महिला में साउथ अफ्रीकन स्ट्रेन की पुष्टि; अयोध्या के रामलला दरबार में अब भक्तों को नहीं मिलेगा चरणामृत

आगरा/अयोध्या3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
अब राम लला मंदिर में इलायची दाने के पैक्ड प्रसाद की व्यवस्था कर दी गई है। तरल प्रसाद का वितरण नहीं किया जाएगा, क्योंकि इससे कोविड संक्रमण का खतरा रहेगा। - Dainik Bhaskar
अब राम लला मंदिर में इलायची दाने के पैक्ड प्रसाद की व्यवस्था कर दी गई है। तरल प्रसाद का वितरण नहीं किया जाएगा, क्योंकि इससे कोविड संक्रमण का खतरा रहेगा।
  • शुक्रवार को 24 घंटे में 1032 नए केस मिले, इससे पहले 9 जनवरी को 1286 केस एक दिन में सामने आए थे
  • मथुरा में संक्रमित महिला के गांव की जांच के आदेश दिए गए, संपर्क में आए लोगों की तलाश जारी

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 1032 नए मामले सामने आए हैं। यह 9 जनवरी के बाद सबसे बड़ी संख्या है। उस दिन 1286 संक्रमित मिले थे। एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 5,824 हो गई है। वहीं, शुक्रवार को एक और चिंताजनक बात सामने आई। मथुरा में एक संक्रमित महिला में साउथ अफ्रीकन कोविड-19 स्ट्रेन की पुष्टि हुई है। वह बरसाना के कमई गांव की रहने वाली है। संपर्क में आने वालों की जांच शुरू की गई है। इसके अलावा CMO ने पूरे गांव के लोगों के जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही अयोध्या में रामलला मंदिर के दर्शन के दौरान अब चरणामृत के वितरण पर रोक पर लगा दी गई है।

दिसंबर में डिटेक्ट हुआ था साउथ अफ्रीकन वैरिएंट

दक्षिण अफ्रीकन वेरिएंट पहली बार दिसंबर में पाया गया था। लेकिन तीन महीने बाद मार्च में मथुरा में साउथ अफ्रीकन वैरिएंट का मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग सकते में आ गया है। मथुरा के थाना बरसाना क्षेत्र के गांव कमई की रहने वाली 50 वर्ष की महिला की 3 मार्च को कोविड-19 की जांच कराई गई थी। जिसकी रिपोर्ट 5 मार्च को पॉजिटिव आई थी। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद इनका जीनोमिक सिक्वेंसीज टेस्ट कराया गया। जिसमें साउथ अफ्रीका कोविड स्ट्रेन पाया गया।

मुख्य चिकित्साधिकारी रचना गुप्ता ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरसाना के चिकित्सा अधीक्षक को पत्र लिखते हुए आदेश दिए हैं कि महिला में साउथ अफ्रीकन स्ट्रेन मिलने के बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे गांव में सघन सर्वे किया जाए और मरीज के संपर्क में आए लोगों की जांच की जाए।

रामलला के चरणामृत प्रसाद पर रोक

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि परिसर में विराजमान रामलला के दर्शन के दौरान अब चरणामृत श्रद्धालुओं को नहीं मिलेगा। कोरोना संक्रमण के चलते इसके वितरण पर मंदिर ट्रस्ट ने रोक लगा दी है। यह जानकारी ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने दी है। उन्होंने बताया कि अब राम लला मंदिर में इलायची दाने के पैक्ड प्रसाद की व्यवस्था कर दी गई है। तरल प्रसाद का वितरण नहीं किया जाएगा, क्योंकि इससे कोविड संक्रमण का खतरा रहेगा। ट्रस्ट छोटे पैकेट में प्रसाद वितरण की व्यवस्था कर रहा है। शुक्रवार को किसी भक्त ने प्रसाद वितरण की व्यवस्था की थी। सुरक्षा के मद्देनजर पहले से बाहर से प्रसाद चढ़ाने के लिए लाने पर रोक लगी है।

अब तक प्रदेश में 8,799 लोगों की मौत

उत्तर प्रदेश अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि संक्रमण से अब तक 8,779 लोगों की मृत्यु हुई है। कल प्रदेश में 1,44,839 सैंपल की जांच की गई। इनमें से 71,500 से अधिक RT-PCR के टेस्ट थे। अब तक 3,42,60,584 सैंपल की जांच प्रदेश में की गई है।

टीम इलेवन के साथ बैठक करते CM योगी।
टीम इलेवन के साथ बैठक करते CM योगी।

मुख्यमंत्री योगी ने सतर्कता के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कोविड-19 की इलेवन टीम के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि होली नजदीक है। इसके अलावा पंचायत निर्वाचन की गतिविधियां भी हो रही हैं। इस बीच देश के विभिन्न राज्यों से लोग उत्तर प्रदेश में आ रहे हैं। ऐसे में अतिरिक्त सावधानी बरती जाए। कोविड-19 से बचाव व उपचार की प्रभावी व्यवस्था बनाए रखी जाए।

मुख्यमंत्री ने दिए ये निर्देश

  • जनपद स्तर पर इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को पूरी तरह क्रियाशील रखा जाए। सभी जिलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रतिदिन सुबह कोविड चिकित्सालय में तथा शाम को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में बैठक करें।
  • बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन तथा हवाई अड्डों पर यात्रियों की सघन कोविड जांच की जाए। संक्रमित पाए जाने पर ऐसे व्यक्तियों के लिए क्वॉरंटीन की व्यवस्था करते हुए इनके इलाज का प्रबंध किया जाए।
  • कोविड चिकित्सालयों में सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। इन अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में चिकित्सा कर्मी, औषधि, मेडिकल उपकरण तथा बैकअप सहित ऑक्सीजन का समुचित प्रबंध किया जाए।
  • कोरोना से बचाव के संबंध में लोगों को निरंतर जागरूक किया जाए। पब्लिक एड्रेस सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय रखते हुए इसके माध्यम से आमजन को संक्रमण से बचाव के बारे में जानकारी दी जाए।
खबरें और भी हैं...