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वर्क फ्रॉम होम में रखिए अपना ख्याल:आगरा के डॉक्टरों ने दिए टिप्स; कहा- मोबाइल या लैपटॉप पर काम के दौरान जरूर लें ब्रेक

आगरा4 दिन पहले
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वर्क फ्रॉम होम के समय डॉक्टरों ने दिए टिप्स। - Dainik Bhaskar
वर्क फ्रॉम होम के समय डॉक्टरों ने दिए टिप्स।

सर्दियों के मौसम के साथ कोरोना की तीसरी लहर में ज्यादातर निजी कंपनियां अब वर्क फ्रॉम होम की तरफ बढ़ रही हैं। घर पर काम करने के दौरान लोगों को अपनी फिटनेस और आंखों का ख्याल रखने की जरूरत है। आगरा के वरिष्ठ चिकित्सकों ने दैनिक भास्कर के पाठकों को आंखों और जोड़ों के ख्याल के लिए जरूरी टिप्स दिए।

मोबाइल, लैपटॉप चलाते समय लें ब्रेक

कोरोना काल के बाद लोगों की दुनिया डिजिटल हो रही है। व्यक्ति का अधिकांश समय मोबाइल और लैपटॉप या टैबलेट के साथ बीतता है। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. हिमांशु यादव के अनुसार, मोबाइल या लैपटॉप पर अधिक देर तक काम करने से आंखों की पहली लेयर पर असर पड़ता है। उन्हें भारीपन, सरदर्द और आंखें लाल हो जाने की शिकायत रहती है।

ऐसे में यह जरूरी है कि लोग आई ड्राप का इस्तेमाल करें। 1 घंटे के लगभग कंप्यूटर या लैपटॉप का इस्तेमाल करने पर कम से कम 10 मिनट का गैप लें। आंखों को पानी से अच्छे से धोएं। मोबाइल और लैपटॉप पर काम करते समय आंखों से डिस्टेंस बनाए रखने की जरूरत है।

एसएन मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग के हेड डॉ. हिमांशु यादव ने बताया कि उम्र बढ़ने पर विजन में दिक्क्त आती है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग के हेड डॉ. हिमांशु यादव ने बताया कि उम्र बढ़ने पर विजन में दिक्क्त आती है।

मोतियाबिंद के पकने का न करें इंतजार

डॉ. हिमांशु यादव ने बताया कि उम्र बढ़ने पर आंखों के विजन में दिक्क्त आती है। साथ ही मोतियाबिंद की परेशानी भी होती है। ज्यादातर लोग मोतिया के पकने का इंतजार करते हैं, जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए। आजकल फैपो तकनीक से ऑपरेशन होता है।

हार्ड मोतिया में ज्यादा एनर्जी खर्च होती है और सॉफ्ट में कम होती है। ऐसे में उसे पका कर हार्ड करने के बाद ऑपरेशन से आंखों की रोशनी वापस आने में ज्यादा परेशानी होती है। कई बार आंखों में काला पानी (लेंस डिसीज) की भी दिक्कत आती है। लोगों की आंखों की नसें डैमेज होने लगती हैं।

वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुपम गुप्ता ने कहा की रोजाना कम से कम 3-4 किमी चलना जरूर चाहिए।
वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुपम गुप्ता ने कहा की रोजाना कम से कम 3-4 किमी चलना जरूर चाहिए।

कपड़ों से न करें गुरेज

वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुपम गुप्ता के अनुसार सर्दियों में वर्क फ्रॉम होम के दौरान लोगों का चलना-फिरना काम हो जाता है। रोजाना कम से कम 3-4 किमी चलना जरूर चाहिए। सप्ताह में कम से कम 20 किमी चलना तो जरूरी है। वरना सभी नसे सिकुड़ जाएंगी और दिक्कत हो जाएगी।

इस दौरान कपड़े पहनने से बिलकुल गुरेज नहीं करना चाहिए। मोजे, इनर और स्वेटर व जैकेट जरूर पहनें। अगर कोई पुरानी चोट है, तो उसे गर्म कपड़े से ढक कर रखाना चाहिए। दिक्क्त होने पर अच्छे ऑइंटमेंट (मरहम) का इस्तेमाल करना चाहिए। ज्यादा परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

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