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सेल्स आफिसर अपहरण::सीसीटीवी से सुराग मिलने के तीन दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ, न अपहृत का सुराग न अपहर्ताओं का, रंजिश का एंगल भी आया सामने

आगरा:5 महीने पहले
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सेल्स ऑफिसर अपहरण में पुलिस तीन दिन बाद भी खाली हाथ - Dainik Bhaskar
सेल्स ऑफिसर अपहरण में पुलिस तीन दिन बाद भी खाली हाथ

आगरा की ट्रांसयमुना कालोनी से ड्यूटी के लिए निकले निजी कंपनी के सेल्स ऑफिसर को लापता हुए चार दिन बीत गए हैं। मगर, पुलिस अभी तक इस मामले में खाली हाथ है। सीसीटीवी सहित अन्य महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगने के बाद भी पुलिस वहीं पर अटकी हुई है। लापता सेल्स आफिसर के परिजन भी पुलिस की कार्यशैली से घिन्न नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस की ओर से जितनी देर हो रही है, उनकी चिंता उतनी ही बढ़ती जा रही हैं। वहीं, इस मामले में पुलिस कुछ भी बताने से बच रही है।

यह था मामला
जानकारी के मुताबिक थाना एत्माउद्दौला के ट्रांस यमुना कालोनी निवासी सुनील शर्मा पुत्र रघुवीर प्रसाद बीती 2 अगस्त को सुबह घर से ड्यूटी के लिए एमके ऑटो कंपनी को निकले थे। इसके बाद शाम को घर वापस नहीं आये। परिजनों ने कई जगह तलाश की पर कोई जानकारी न मिलने पर थाना एत्माउद्दौला में अपहरण की आशंका जताते हुए शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी। अब मामले को अपहरण में तरमीम कर दिया गया है।

अपहृत के घर जांच को पहुंची पुलिस
अपहृत के घर जांच को पहुंची पुलिस

पुलिस को मिले सुराग, लेकिन आरोपी पकड़ से दूर
परिजनों और दोस्तों से जानकारी के बाद मधु नगर निवासी मोना के पास जाने की बात सामने आई। पुलिस ने मधुनगर जानकारी की तो कोई नहीं मिला। फोन लोकेशन के आधार पर पुलिस को सुनील के थाना हरीपर्वत क्षेत्र के गांधी नगर स्थित रामसेवक के मकान में जाने की जानकारी हुई। पुलिस ने घर पर जाकर जानकारी ली तो पता चला कि उक्त महिला मोना और उसका पति अजय उर्फ डकैत, बेटे योगेश व देवेश यहां कुछ समय पहले किराए पर रहने आये थे। पुलिस ने आस-पास पूछताछ की और सीसीटीवी चेक किये तो चौंकाने वाली बात सामने आई। सीसीटीवी फुटेज में सुनील दोपहर दो बजे वहां आया और कुछ देर बाद अजय उसकी बाइक लेकर कहीं चला गया। किरायेदार महिला मोना और उसका पूरा परिवार ऑटो में सारा सामान लादकर जाते दिखे पर सुनील जाते हुए नहीं दिखाई दिया है। पुलिस को सुनील की लोकेशन मथुरा दिखाई दे रही है।

हेलमेट और बैग मिला, कैश गायब
सूत्रों के अनुसार पुलिस को मोना के कमरे से सुनील का बैग और हेलमेट मिला है पर बैग में कैश नहीं है। बाइक का भी कोई पता नहीं लगा है। सीसीटीवी में मोना उसका पति अजय व एक अन्य बड़ी पोटली और फ्रिज ऑटो में डाल कर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। परिजनों को आशंका है कि सुनील के साथ कोई अनहोनी हो गई है।

सुल्तानगंज की पुलिया पर छोड़ा

सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने उस ऑटो चालक को तलाश लिया है जो गांधीनगर से अजय और मोना को लेकर गया था। ऑटो चालक ने बताया कि उसने सुल्तानगंज की पुलिया पर उन्हें छोड़ दिया था। इसके बाद वो कहां गए उन्हें नहीं पता।

रंजिश के एंगल की भी कर रही जांच

पुलिस अपहरणा को रंजिश से भी जोड़कर देख रही है। सूत्रों ने बताया कि सुनील की कुछ दिन पहले घर के पास ही किसी से विवाद हो गया था। ऐसे में पुलिस ने इस एंगल पर भी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस उन लोगों से भी पूछताछ कर रही है। वहीं, अजय उर्फ डकैत की मां को भी पुलिस ने पूछताछ के लिए उठाया है।

न अपहृत की जानकारी न आरोपियों का पता
बता दें कि पुलिस को अपहृत सुनील कहां है, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। मोना और उसका परिवार फरार है और उनके फोन स्विच ऑफ हैं। इस कारण पुलिस को आरोपियों की कोई जानकारी नहीं हो पा रही है। मामले को हल्के में लेने के चलते अब पुलिस मामला दबाने के प्रयास में जुटी हुई है। मौका ए वारदात की जगह आस-पास रहने वालों को पुलिस ने सख्ती से किसी से कोई बात न करने का दबाव बनाया हुआ है और मीडिया से बात करने पर परिजनों को भी दबाव में लिया जा रहा है।

पुलिस ने हल्के में लिया मामला
बता दें कि मामले में थाना प्रभारी एत्माउद्दौला और सीओ छत्ता कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं और जांच चलने की बात कह रहे हैं। वहीं, इसमें पुलिस अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आई है। पुलिस ने इस मामले को बहुत हल्के में लिया। परिजनों की अपहरण की आशंका के बाद भी पुलिस मानती रही कि सेल्स ऑफिसर अपने आप कहीं चला गया है। बाद में भी इस मामले की जांच एक नए दरोगा की दी गई है, जबकि जांच किसी अनुभवी सब इंस्पेक्टर से करानी चाहिए थी।

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