आगरा.… 27 वें दिन खत्म हुआ किसानों का अनशन:लैंडपार्सल घोटाले में हुई लेखपाल पर एफआईआर, जिलाधिकारी ने दिया विकास का आश्वासन, एडीएम सिटी ने पिलाया जूस

आगरा8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
जिला अस्पताल में एडीएम सिटी ने तमाम नेताओं के बीच जूस पिलाकर किसान नेता श्याम सिंह चाहर का अनशन ख़त्म कराया - Dainik Bhaskar
जिला अस्पताल में एडीएम सिटी ने तमाम नेताओं के बीच जूस पिलाकर किसान नेता श्याम सिंह चाहर का अनशन ख़त्म कराया

ताजनगरी आगरा में इनर रिंग रोड लैंड पार्सल घोटाले के आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे किसानों ने आज 27वें दिन एफआईआर दर्ज होने के बाद अपना अनशन खत्म कर दिया। तमाम नेताओं के बीच आज एडीएम सिटी प्रभाकांत अवस्थी ने किसान नेता श्याम सिंह चाहर को जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म करवाया है। इसके साथ ही धनौली में मूलभूत सुविधाएं न होने और विकास कार्यों की मांग को लेकर किसान नेता सावित्री चाहर के नेतृत्व में धरने पर बैठे ग्रामीणों ने भी जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह के आश्वासन के बाद प्रदर्शन खत्म करने की बात कही है, हालांकि लिखित पत्र न मिलने तक सभी धरनास्थल पर यथावत बने रहेंगे।

लखीमपुर प्रकरण में गिरफ्तारी की मांग को लेकर सोमवार को किसानों के आंदोलन के बीच आगरा के किसानों की मांगे मानी जाने के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। इनर रिंग रोड लैंड पार्सल घोटाले के आरोपी तत्कालीन लेखपाल रविन्द्र कुमार पर एफआईआर दर्ज होने के साथ उनकी अन्य शिकायतों के निस्तारण के प्रयास की बात तय होने के बाद किसानों ने अनशन समाप्त कर दिया है। आगरा के एडीएम सिटी प्रभाकांत अवस्थी द्वारा किसानों को जानकारी दी गयी और अपने हाथों से जूस पिलाकर अनशन समाप्त करवाया गया। किसानों का कहना है कि आगे भी प्रदर्शन जारी रहेगा।

धनौली में धरने पर ग्रामीण
धनौली में धरने पर ग्रामीण

धनौली वासियों की जिलाधिकारी से हुई मुलाकात

बीते कई दिनों से धनौली क्षेत्र में जलभराव, सड़कों पर गड्ढे और नालों के टूटे होने के कारण हो रही परेशानियों के चलते किसान नेता सावित्री चाहर के नेतृत्व में धरने पर बैठे ग्रामीणों से रविवार शाम जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह की मुलाकात हुई। जिलाधिकारी द्वारा दस दिन के अंदर टेंडर करके नालों की नई दीवार बनाने और सड़कें सही कराने के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने उनकी बात मान ली है। किसान नेता सावित्री चाहर का कहना है कि उन्हें अधिकारियों की बात पर भरोसा है पर जब जिलाधिकारी का लिखा हुआ पत्र मिल जाएगा तभी अनशन स्थल से ग्रामीण हटेंगे।