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आगरा के पारस अस्पताल पर FIR:मौतों के बाद हरकत में आया प्रशासन, अस्पताल का लाइसेंस सस्पेंड; मरीजों की शिफ्टिंग के बाद आज होगा सीज

आगरा2 महीने पहले
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तीमारदार व मरीज परेशान। बोले- डिस्चार्ज कर वसूला बिल, एंबुलेंस और दूसरे अस्पताल का खर्चा भी झेलना पड़ रहा है। - Dainik Bhaskar
तीमारदार व मरीज परेशान। बोले- डिस्चार्ज कर वसूला बिल, एंबुलेंस और दूसरे अस्पताल का खर्चा भी झेलना पड़ रहा है।

आगरा के पारस अस्पताल में मौत की मॉक ड्रिल मामले में प्रशासन की नींद आखिरकार टूट गई है। पारस अस्पताल के मालिक डॉ. अरिंजय जैन पर देर रात प्रशासन ने एफआईआर दर्ज करवाई है। मरीज भर्ती होने के कारण अस्पताल को सील करने में आज यानी बुधवार दोपहर तक का वक्त लग सकता है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद मरीज और तीमारदारों की परेशानी बढ़ गई है। तीमारदार लगातार अपनी व्यवस्था में जुटे हैं। प्रशासन के सभी की शिफ्टिंग का दावा करने के बाद भी अभी तक स्वास्थ्य विभाग मरीजों की व्यवस्था नहीं कर पाया है।

जानकारी के मुताबिक, बीती रात डिप्टी सीएमओ डॉक्टर आरके अग्निहोत्री ने थाना न्यू आगरा में पारस अस्पताल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। तहरीर में उन्होंने वायरल वीडियो में ऑक्सीजन खत्म होने की बात बोलकर भ्रामक स्थिति पैदा करने की बात कही। अस्पताल संचालक अरिंजय जैन के खिलाफ आपदा प्रबंधन, महामारी एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं।

तीमारदार बोले- डिस्चार्ज कर वसूला बिल, एंबुलेंस और दूसरे अस्पताल का खर्चा भी झेलना पढ़ रहा
जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह ने अस्पताल में भर्ती 55 मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की टीम की देखरेख में किसी दूसरे स्थान में शिफ्ट करने की बात कही गई थी। मगर स्वास्थ्य विभाग देर रात तक व्यवस्था नहीं कर पाया। अधिकांश मरीजों को परिजन छुट्टी करवा कर ले गए। अस्पताल में तीन मरीज वेंटिलेटर पर हैं और कई गंभीर हैं। ऐसे में उन्हें दूसरे स्थान पर ले जाने में तीमारदारों को डर लग रहा है।

उनके मुताबिक, कहीं रास्ते में कुछ हो गया तो? अस्पताल ने मरीजों को डिस्चार्ज करने के दौरान अपना बिल वसूल लिया और तीमारदार को एंबुलेंस और दूसरे अस्पताल का खर्चा भी झेलना पड़ रहा है। सीएमओ आरसी पांडे के अनुसार, बुधवार दोपहर तक सभी मरीजों को दूसरे स्थान पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। सभी की व्यवस्था की जा रही है।

पारस अस्पताल का लाइसेंस सस्पेंड
सीएमओ आरसी पांडेय ने बताया कि मॉक ड्रिल प्रकरण में गठित जांच कमेटी की फाइनल रिपोर्ट आने तक अस्पताल का लाइसेंस निलंबित किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई होगी।

जिला प्रशासन ने जारी की 7 मौतों की सूची जारी
जिला प्रशासन के अनुसार, मॉक ड्रिल के दिन 7 लोगों की मौत हुई थी। 26 अप्रैल में हुई मौतों का प्रशासन ने खाका जारी नहीं किया था। अस्पताल में मृतकों की सूची जारी की गई थी।

इनकी हुई थी मौत

  • रामवती (62) पत्नी नत्थी लाल निवासी मधुनगर
  • मीना ग्रोवर (62) पत्नी एलआर ग्रोवर निवासी लोहा मंडी
  • आशा शर्मा (58) पत्नी सुरेश चंद्र निवासी कालिंदीपुरम
  • मुन्नी देवी (46) पत्नी अशोक कुमार, दहतोरा

27 अप्रैल-

  • राधिका अग्रवाल (36) पत्नी सौरव अग्रवाल निवासी राजा मंडी
  • मीरा देवी (58) पत्नी लक्ष्मी नारायण निवासी पश्चिम पुरी
  • रिंकू यादव (30) केयर ऑफ कांता प्रसाद निवासी गांधीनगर
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