हाथरस केस के बहाने दंगों की साजिश का मामला:PFI एजेंट रऊफ शरीर को 14 दिन की जेल, अदालत ने दो मार्च तक के लिए जेल भेजा

मथुरा8 महीने पहले
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STF शुक्रवार को केरल की अरनाकुलम जेल से बी-वारंट पर लाई थी। - Dainik Bhaskar
STF शुक्रवार को केरल की अरनाकुलम जेल से बी-वारंट पर लाई थी।
  • 12 दिसंबर को त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट से हुआ था गिरफ्तार
  • मथुरा में गिरफ्तार हुए थे रऊफ के चार साथी

केरल से मथुरा लाए गए कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के एजेंट रऊफ शरीफ को ADJ कोर्ट ने 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया है। रऊफ शरीफ हाथरस केस के बाद UP में जातीय हिंसा भड़काने की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार PFI के स्टूडेंट विंग कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI) चारों सदस्यों का साथी है। तीसरी बाद कोर्ट से B-वारंट जारी होने के बाद बीते शुक्रवार को मथुरा लाया गया था। रऊफ को बीते साल 12 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। तब से वह अरनाकुलम जेल में बंद था।

रविवार को रिमांड हुई थी नामंजूर

रऊफ शरीर को STF टीम ने रविवार को रिमांड मजिस्ट्रेट JM (जॉइंट मजिस्ट्रेट) छाता की अदालत में पेश किया था। STF शुक्रवार को केरल की अरनाकुलम जेल से बी-वारंट पर लाई थी। STF के SP विनोद सिरोही ने अदालत में रऊफ शरीर से पूछताछ के लिए दो दिन की कस्टडी रिमांड मांगी थी। लेकिन अदालत ने बहस सुनने के बाद एक दिन की न्यायिक हिरासत में रऊफ को भेज दिया था। जिसके बाद उसे मथुरा जेल भेज दिया गया था।

छठवें साथी की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने लगा रखी है रोक
दंगा फैलाने की साजिश में जेल में बंद CFI सदस्यों के साथी रऊफ को ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने 12 दिसंबर 2020 को त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया था कि PFI के चारों सदस्य रऊफ के कहने पर ही हाथरस जा रहे थे। जबकि उनके छठवें साथी दानिश की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने रोक लगा रखी है। दानिश मुजफ्फरनगर का रहने वाला है।

आरोपियों के कब्जे से मिले थे भड़काऊ साहित्य

मथुरा जिले में पांच अक्टूबर की रात पुलिस ने मांट टोल प्लाजा से पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और उसके सहयोगी कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI) से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया था। उनमें केरल के मल्लपुरम निवासी पत्रकार सिद्दीक कप्पन‚ मुजफ्फरनगर निवासी अतीक उर रहमान‚ बहराइच निवासी मसूद अहमद और रामपुर निवासी आलम शामिल हैं। इनके पास हाथरस गैंगरेप मामले से जुड़ा भड़काऊ साहित्य मिला था। चारों आरोपी दिल्ली से आए थे और हाथरस जा रहे थे। PFI एक चरमपंथी इस्लामिक संगठन है। इसका हेड ऑफिस दिल्ली के शाहीन बाग में है। यह संगठन नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में दिल्ली में हुए दंगों में भी शामिल था।

CFI से जुड़े इन चारों की हुई थी गिरफ्तारी।
CFI से जुड़े इन चारों की हुई थी गिरफ्तारी।

हाथरस में क्या हुआ था?

हाथरस जिले के चंदपा इलाके के बुलगढ़ी गांव में 14 सितंबर को 4 लोगों ने 19 साल की दलित लड़की से गैंगरेप किया था। आरोपियों ने लड़की की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी थी। परिजन ने जीभ काटने का भी आरोप लगाया था। दिल्ली में इलाज के दौरान 29 सितंबर को पीड़िता की मौत हो गई थी। चारों आरोपी जेल में हैं। हालांकि, पुलिस का दावा है कि लड़की के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ था।

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