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  • In 1989, The First Election Was Fought By The SP, In 2010, The BSP Sent The Rajya Sabha, When He Came To The BJP, He Was In The First Yogi Cabinet, Now He Is Becoming A Minister Of Modi.

केंद्रीय मंत्री बघेल कभी एनडी तिवारी-मुलायम के सुरक्षा गार्ड थे:योगी के मंत्री बघेल से PM मोदी ने पूछा था, लोकसभा चुनाव लड़ेंगे... जवाब था दो बार राज्यसभा सांसद रहा, अब आप जैसा बोलें

लखनऊ24 दिन पहले
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उत्तर प्रदेश में सब इंस्पेक्टर की नौकरी के रूप में कैरियर शुरू करने वाले एसपी सिंह बघेल ने भी मंत्रिपरिषद की शपथ ली है। बघेल के मंत्री पद तक पहुंचने की कहानी बड़ी रोचक है। 2019 का संसदीय चुनाव होना था, तब पीएम मोदी ने एसपी सिंह बघेल से पूछा आप लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे? उन्होंने मोदी को जवाब दिया -दो बार राज्यसभा सांसद रहा, यूपी सरकार में मंत्री हूं, अब आप जैसा कहेंगे। तब पीएम मोदी बोले अभी बहुत कुछ बनना बाकी है। यह बात खुद एसपी सिंह बघेल ने भास्कर संवाददाता को बताई थी।

यूपी की राजनीति में ओबीसी वर्ग में खास पकड़ रखने वाले एसपी सिंह बघेल एक बड़ा नाम है। यूपी पुलिस में रहते हुये, उन्हें मुलायम सिंह यादव की सुरक्षा में उन्हें उनके साथ रहने का मौका मिला, बस यहीं से उनकी किस्मत बदलना शुरू हो गई। मुख्यमंत्री के पीएसओ रहे और 1998 में सपा की टिकट पर सांसद बन गए। विधानसभा चुनाव 2017 में टूंडला से जीत के बाद उन्हें प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया। इसके बाद भाजपा ने आगरा से उन्हें लोकसभा का टिकट दिया, तो यहां से भी प्रो. एसपी सिंह बघेल ने शानदार जीत दर्ज की।

ये शुरू हुई कहानी

सत्यपाल सिंह बघेल यानि प्रो. एसपी सिंह बघेल उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के भटपुरा के हैं। इनके पिता रामभरोसे सिंह मध्य प्रदेश पुलिस में तैनात थे। एसपी सिंह बघेल का जन्म मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित यशवंतराव होल्कर अस्पताल में हुआ। पिता रामभरोसे खरगौन से रिटायर हुए। इसलिए प्रारंभिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा सभी मध्यप्रदेश में ही हुई। उत्तर प्रदेश पुलिस सेवा में सब इंस्पेक्टर के तौर पर भर्ती होने के बाद एसपी सिंह बघेल को पहली अहम जिम्मेदारी तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी का सुरक्षा की मिली।

मुलायम सिंह यादव के संपर्क में बघेल

मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद बघेल मुलायम सिंह यादव के सुरक्षा में शामिल हो गए। यादव ने उनको जलेसर सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर 1998 में पहली बार उतारा और वह जीते। उसके बाद दो बार सांसद चुने गए। 2010 में बसपा ने उन्हें राज्यसभा में भेजा। साथ ही राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी भी दी। 2014 में फिरोजाबाद लोकसभा से सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव के पुत्र अक्षय यादव के सामने चुनाव लड़े। हालांकि वह यह चुनाव हार गए। इसके बाद उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा देकर भाजपा की सदस्यता ली। भाजपा में शामिल होने के बाद भाजपा पिछड़ा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बना गए। बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के स्टार प्रचार के रूप में भूमिका निभाई। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के निकट माने जाते हैं। पार्टी ने ताकतवार सांसद और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रामशंकर कठेरिया का टिकट काटकर एसपी सिंह बघेल को चुनाव लड़ाया।

सरधना में है ससुराल

छात्रनेता डॉ. राजकुमार सांगवान ने बताया कि एसपी सिंह बघेल जब एलआईयू में छात्रविंग देखते थे तो मेरठ कॉलेज में उनसे मुलाकात हुई। बाद में उनकी दोस्ती हो गई। कुछ दिन सरधना में तैनाती रही। सरधना निवासी मधु से एसपी सिंह बघेल की शादी हुई। लखनऊ में मुलायम सिंह से मिलने के लिए भी विधायकों और अन्य नेताओं को पहले एसपी सिंह बघेल से मिलना पड़ता था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मेरठ में वह सब इंस्पेक्टर के पद पर करीब ढाई साल तैनात रहे थे।

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