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चंबल में बढ़ा घड़ियालों का कुनबा:आगरा में 1225 नन्हें घड़ियालों ने अंडों से निकलकर चंबल में अठखेलियां शुरू की, वन विभाग उत्साहित

आगरा2 महीने पहले
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10 साल से चम्बल नदी में वन विभाग की देखरेख में प्राकृतिक हैचिंग हो रही है। - Dainik Bhaskar
10 साल से चम्बल नदी में वन विभाग की देखरेख में प्राकृतिक हैचिंग हो रही है।

आगरा में बाह तहसील क्षेत्र से सटी चंबल नदी सैंचुरी घड़ियालों के प्रजनन के लिए मुफीद साबित हो रही है। यहां 1,225 घड़ियालों ने जन्म लेकर अब चंबल के पानी का रुख कर लिया है। नन्हें घड़ियालों की चहलकदमी से वन विभाग काफी उत्साहित है।

पाली से पचनदा तक तीन राज्यों एमपी, यूपी, राजस्थान में होकर बहने वाली चंबल नदी में 1979 से लुप्तप्राय स्थिति में पहुंचे घडियालों का संरक्षण हो रहा है। 10 साल से चम्बल नदी में वन विभाग की देखरेख में प्राकृतिक हैचिंग हो रही है। 65 से 70 दिन का हैचिंग पीरियड शुरू होने पर वन विभाग ने नेस्टों पर लगी जाली हटा थी। नेस्टिंग के टाइम पर वन विभाग ने जीपीएस से लोकेशन ट्रेस कर जाली लगाई थी। ताकि सियार आदि जंगली जीव अण्डों को नष्ट न कर सकें। चंबल सेंचुरी रेंजर बाह आरके सिंह राठौड़ ने बताया कि बाह रेंज में रेहा से उदयपुर खुर्द त‌क डेढ दर्जन स्थलों पर नेस्टिंग हुई थी। हैचिंग में 1,225 नन्हे घडियालों का जन्म हुआ है। वन कर्मियों की निगरानी में नेस्टों से निकल कर घडियाल शिशु चंबल नदी में पहुंचे हैं। इस बार यहां तमाम विदेशी पक्षी भी आए हैं। चंबल नदी अब इनके लिए बहुत अनुकूल हो गयी है।

लखनऊ कुकरैल प्रजनन केंद्र पहुंचे घड़ियालों के 699 अंडे

चंबल सैंचुरी बाह रेंज में वन विभाग के मुताबिक घडियालों ने नदी की बालू में 1924 अंडे दिए थे। जिनमें से 699 अंडे लखनऊ कुकरैल प्रजनन केन्द्र ले जाए गए थे। जहां विशेषज्ञों की देखरेख में अंडों से नन्हे घड़ियालों की हैचिंग होगी। वयस्क होने पर चंबल नदी में छोड़ा जायेगा।

अंडों से निकलकर घड़ियाल चंबल नदी में जा चुके हैं।
अंडों से निकलकर घड़ियाल चंबल नदी में जा चुके हैं।

वन विभाग उत्साहित

चंबल सेंचुरी बाह रेंज में हर वर्ष नन्हे घड़ियालों का सैकड़ों की संख्या में चंबल नदी में लगातार कुनबा बढ़ने से वन विभाग उत्साहित दिख रहा है। हैचिंग पीरियड में वन विभाग कर्मी चंबल नदी किनारे अंडा वाले स्थानों पर पूरी तरह से देखरेख करते हैं और उनकी मेहनत का फल भी सामने दिखता है। विश्व विलुप्त प्राय जलीय जीव घड़ियाल लगातार चंबल नदी में बढ़ रहे हैं।

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