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अलीगढ़ में जहरीली शराब से 17 मौत; भास्कर पड़ताल:स्प्रिट और केमिकल से देसी शराब बनाकर ठेकों में बेचते थे, संचालक और विभागीय मिलीभगत के बिना ये संभव नहीं

अलीगढ़4 महीने पहले
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अलीगढ़ में जहरीली शराब कांड में 17 लोगों की मौत हो गई जबकि 12 लोग बीमार हैं। - Dainik Bhaskar
अलीगढ़ में जहरीली शराब कांड में 17 लोगों की मौत हो गई जबकि 12 लोग बीमार हैं।
  • आबकारी विभाग और पुलिस ठेकों की करती रहती है चेकिंग, फिर भी होती रही तस्करी

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में जहरीली शराब पीने से 17 लोगों की की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। शराब माफिया स्प्रिट और केमिकल से जहरीली शराब बनाकर सरकारी ठेकों तक पहुंचाता था। इस मामले में ठेका संचालक और आबकारी अफसरों की मिलीभगत की आशंका भी है। क्योंकि नकली शराब ठेके से जुड़े लोग ही बनाते थे। यह काला कारोबार लॉकडाउन में और तेजी से चल रहा था। जहरीली शराब पीने से गंभीर बीमार 12 लोगों का इलाज अस्पतालों में चल रहा है।

पुलिस जांच में यह सामने आया है कि इन ठेकों पर जो पौवे और बोतलें मिलीं हैं उन पर आबकारी विभाग का बारकोड नहीं है। इन पर नकली बारकोड लगाया गया, जिसका सप्लाई से मिलान नहीं हो पा रहा है। बड़ा सवाल यही उठता है तमाम पुलिस और आबकारी के आला अधिकारी होने के बावजूद सरकारी ठेकों में यह शराब कैसे बिक रही है। सभी की मिलीभगत के बिना यह संभव नहीं है। हालांकि इस मामले में शासन के निर्देश पर जिला आबकारी अधिकारी समेत तीन लोग सस्पेंड कर दिए गए हैं।

एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि पुलिस ने छह टीमें बनाई हैं। शराब ठेका संचालक, सेल्समैन, पर्यवेक्षक सहित चार लोगों को हिरासत में ले लिया है। उन्होंने बताया कि गैंगस्टर अधिनियम एवं रासुका के तहत भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। पूरे घटनाक्रम को देखते हुए जनपद के 249 देसी शराब के ठेकों को बंद कर दिया गया है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती कोई भी शराब का ठेका नहीं खोला जाएगा। आबकारी अधिकारी ने कहा है कि पूरे प्रकरण में क्षेत्रीय इंस्पेक्टरों की भी भूमिका की जांच की जा रही है अगर दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई कार्रवाई की जाएगी। उधर, डीएम चंद्रभूषण ने सिंह मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए हैं। ADM प्रशासन 15 दिन के अंदर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। पुलिस ने छह टीमें गठित कर सेल्समैन, संचालक, पर्यवेक्षक सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

अफसर सहित तीन निलंबित
अपर मुख्य सचिव (आबकारी) संजय भुसरेड्‌डी ने तीन अधिकारियों को लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया है। इनमें जिला आबकारी अधिकारी धीरज शर्मा, आबकारी निरीक्षक राजेश कुमार यादव औ प्रधान आबकारी सिपाही अशोक कुमार शामिल हैं।

लॉकडाउन में खुद बनाई शराब
अलीगढ़ जनपद में दो बड़े शराब माफिया हैं। शराब की 511 दुकानों में से ज्यादातर यही संचालित करते हैं। सूत्रों के अनुसार पूरे लॉकडाउन में इन दोनों माफिया के लोगों ने नकली देसी शराब बनाकर सरकारी बारकोड लगाकर बेची। यह शराब स्प्रिट और कुछ केमिकल मिलाकर बनाई जाती थी। इन दोनों शराब माफिया पर पहले भी इस तरह के कई मुदकमे दर्ज हो चुके हैं। रसूख इतना मजबूत है कि हर बार इनके लोग बाहर आ जाते हैं।

शराब पीने के बाद मरीज की हालत बिगड़ गई। उसे गाड़ी में ही ड्रिप लगानी पड़ी। ऐसी हालत अन्य मरीजों की भी है। बताया जा रहा है कि शराब पीने वाले 17 मरीजों की हालत नाजुक बनी हुई है।
शराब पीने के बाद मरीज की हालत बिगड़ गई। उसे गाड़ी में ही ड्रिप लगानी पड़ी। ऐसी हालत अन्य मरीजों की भी है। बताया जा रहा है कि शराब पीने वाले 17 मरीजों की हालत नाजुक बनी हुई है।

जिले में 511 ठेके और होलसेलर

आबकारी अधिकारी धीरज शर्मा ने बताया कि जनपद में कुल 511 अंग्रेजी देसी व बियर के ठेके हैं। 9 होलसेलर हैं जिसमें से तीन देसी शराब के हैं। तीनों के गोदामों को समय-समय पर चेक किया जाता है आबकारी अधिकारी ने यह भी बताया कि हाल ही में एक हफ्ते पहले जब सरकार द्वारा शराब के ठेकों को खोलने का आदेश किया गया तो सभी गोदामों को चेक किया गया था। लेकिन बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर इतनी बड़ी चेकिंग के बावजूद जिले में इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई।

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