झोलाछाप ने निर्माणाधीन मकान को अस्पताल बनाया:आगरा में टेंट की टेबल पर डेंगू का कर रहा इलाज, CMO को फुर्सत नहीं, बोले- कल भेजेंगे जांच टीम

आगरा3 महीने पहले
बरहन क्षेत्र के आवंलखेड़ा में एक झोलाछाप ने निर्माणाधीन मकान को अस्पताल में तब्दील कर दिया है।

आगरा में डेंगू और वायरल बुखार से हालात हर दिन खराब हो रहे हैं। यहां अब तक डेंगू के 300 से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग सब ठीक होने का दावा कर रहा है। लेकिन धरातल पर तस्वीर उलट है। इसकी पोल एक वीडियो में खुल गई। बरहन क्षेत्र के आवंलखेड़ा में एक झोलाछाप ने निर्माणाधीन मकान को अस्पताल में तब्दील कर दिया है। कमरों में टेंट वाली टेबल लगा दी है। जिस पर मरीजों को लिटाकर इलाज किया जा रहा है।

न किसी मरीज के पास मच्छरदानी है और न मरीज टेबल पर पैर फैलाकर लेट सकते हैं। ग्लूकोज की बोतल को दीवार की खूंटी से टांग दिया गया है। इसके सहारे मरीजों को ड्रिप चढ़ाई जा रही है।दैनिक भास्कर ने CMO डा. अरुण श्रीवास्तव को इसकी जानकारी दी तो उन्होंने जवाब दिया कि मामला संज्ञान में है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम बुधवार को भेजने की बात कही।

टेंट की टेबल पर लेटे मरीज।
टेंट की टेबल पर लेटे मरीज।

हर तरफ गंदगी फैली
एक वीडियो 12 सेकंड और दूसरा 23 सेकंड का है। इसमें दिख रहा है कि एक निर्माणाधीन मकान को अस्पताल में तब्दील कर दिया गया है। यहां पर दावत में प्रयोग होने वाली टेबल पर सफेद चादर डालकर इन पर मरीजों का इलाज चल रहा है।​​​​​​ वीडियो में दिख रहा कि​ ड्रिप की बोतल को दीवार पर लटकाया गया है। इतना ही नहीं, जहां इलाज चल रहा है, वहां पर गंदगी का अंबार लगा है।

गांवों में भी बिगड़ रहे हालात
डेंगू और वायरल बुखार से गांवों में लगातार हालात बिगड़ रहे हैं। आगरा के पिनाहट ब्लॉक में संदिग्ध बुखार से सबसे ज्यादा 31 बच्चों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा पूरे जिले में अब तक 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि सरकारी आंकड़े में अब तक डेंगू से केवल एक ही मौत दर्ज है।

आगरा में डेंगू के नए केस पिछले 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं। आगरा में डेंगू का आंकड़ा 341 तक पहुंच गया है। प्लेटलेट्स के लिए ब्लड बैंकों में लाइन लगी हैं। प्लेटलेट्स डोनेट करने वालों को भी 12 से 15 घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है।

सीएमओ बोले, कल भेजेंगे जांच टीम
वायरल वीडियो के बारे में सीएमओ डा. अरुण श्रीवास्तव का कहना है कि बरहन क्षेत्र के दो वायरल वीडियो की जानकारी मिली है। इस संबंध में बुधवार को जांच के लिए टीम भेजी जाएगी। अब ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि जब तक स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के लिए पहुंचेगी तब तक क्या टीम को वहां पर अस्पताल मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग की इस लापरवाही के कारण ही झोलाछाप डॉक्टर फल-फूल रहे हैं।