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ताज में एंट्री को लेकर विवाद:श्रीकृष्ण के वेश में परिवार संग आया था पर्यटक, सुरक्षाकर्मियों ने गेट से बैरंग लौटाया; कहा- अब मुझे नहीं करना दीदार

आगराएक वर्ष पहले
कृष्ण की वेश भूषा में आने पर लौटाया गया पर्यटक।

ताजमहल पर एक बार फिर विवादों के घेरे में है। शनिवार को ताज देखने आए एक पर्यटक को इसलिए लौटा दिया गया क्योंकि वो श्रीकृष्ण की वेश भूषा में था। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हिंदूवादियों ने आक्रोश जताते हुए पुरातत्त्व विभाग को ज्ञापन देने की बात कही है। पुरातत्व विभाग ने पर्यटक को नियमों के चलते लौटाने की बात कही है।

यह था पूरा मामला
शनिवार शाम एक पर्यटक कृष्ण भगवान के वेश भूषा में अपने परिवार के साथ ताजमहल के पश्चिमी गेट पर पहुंचा था। युवक की वेश भूषा को देखकर ताजमहल की सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों ने उसे ताजमहल में प्रवेश देने से मना कर दिया। इसके बाद पर्यटक काफी देर तक वहीं घूमता रहा और फिर वापस चला गया। लोगों ने पर्यटक का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में पर्यटक कहता हुआ दिखाई दे रहा है कि कोई बात नहीं हमें अब ताजमहल देखना ही नहीं है। हालांकि पर्यटक के बारे में कोई जानकारी नहीं हो पाई है।

पुरातत्व अधीक्षक ने कहा- इस तरह आने पर रोक है
आगरा के पुरातत्व अधीक्षक बसंत कुमार स्वर्णकार का कहना है कि इस तरह की वेश भूषा में आने का मतलब यह है कि व्यक्ति कोई प्रमोशन करने के प्रयास में आ रहा है, वरना कोई ऐसे ताजमहल देखने क्यों आएगा। ताजमहल परिसर में आकर किसी भी तरह के प्रमोशन पर रोक है। इसलिए पर्यटक को प्रवेश नहीं दिया गया है।

पहले भी हो चुके हैं विवाद
ताजमहल पर 8 साल पहले संवासनियों के रामनामी दुपट्टे उतारे गए थे और इसको लेकर तत्कालीन सांसद राम शंकर कठेरिया ने कई दिन प्रदर्शन किया था। इसके बाद लगभग 5 साल बाद पूरे विश्व की मॉडल्स का एक दल ताजमहल आया था और उनके गलों में पहने हुए रामनामी दुपट्टे उतरवा लिए गए थे। इस पर हिंदूवादियों के हंगामे के बाद आयोजक द्वारा खुद दुपट्टे उतरवाने की बात लिखित में लेकर मामला सुलझाया गया था। पूर्व में एक विश्व सुंदरी द्वारा ताजमहल की डायना सीट पर एक कम्पनी का सैंडल रखकर फोटोग्राफी करवाने पर मुकदमा दर्ज किया गया था। एक फ़िल्म अभिनेत्री द्वारा फ़िल्म की सीडी का विमोचन करने पर भी कार्रवाई हो चुकी है।

यह है सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन
ताजमहल 1990 के बाद से सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में है। यहां सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर किसी भी तरह के कमर्शियल प्रमोशन और अन्य देश के झंडे आदि लाने पर रोक है। हालांकि धार्मिक वेश भूषा पर कोई रोक नहीं है। यहां पुलिसकर्मी वर्दी में जा सकता है और साधु भगवा पहन कर जा सकता है। हालांकि ऐसा माना जा सकता है कि पर्यटक द्वारा कृष्ण वेश में आने के दौरान रूप बदलने पर सुरक्षा की दृष्टि से उसे प्रवेश न दिया गया हो।

हिन्दू महासभा ने कहा- देंगे ज्ञापन
हिन्दू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जाट के अनुसार कृष्ण वेश में ताजमहल जाना गलत है, तो अन्य धर्मों के लोग अपनी वेशभूषा में ताजमहल कैसे जा सकते हैं। इस प्रकरण पर पुरातत्व विभाग को ज्ञापन देकर नियमों को समान रखने के लिए कहा जाएगा।

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