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सैनिक की अंतिम यात्रा में लगे नारे:आगरा में जयपाल सिंह चाहर का पार्थिव शरीर पहुंचा पैतृक गांव, पिता के शव को देखकर बेटा बोला- 'पापा मैं भी फौज में जाऊंगा'

आगरा2 महीने पहले
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जयपाल सिंह चाहर का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो सभी की आंखे नम थी - Dainik Bhaskar
जयपाल सिंह चाहर का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो सभी की आंखे नम थी

उत्तर प्रदेश के आगरा के चाहरवाटी के लाल जयपाल सिंह चाहर की सिक्किम में पहाड़ी पर चढ़ते समय आक्सीजन की कमी से बीते दिनों मौत हो गई थी। पैतृक गांव में आज उनका शव पहुंचने पर सांसद राजकुमार चाहर व विधायक महेश गोयल ने कंधा देकर अंतिम विदाई दी। इस दौरान उनकी पत्नी व बच्चे भी मौजूद रहे। उनका रो-रो कर बुरा हाल था।

दो दिन पहले सिक्किम में हुई थी मौत

जानकारी के अनुसार अकोला के चाहरबाटी के रिठौरी गांव निवासी जयपाल सिंह चाहर, पुत्र महेंद्र सिंह चाहर सेना में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे और बाद में पदोन्नति के बाद नायब सूबेदार के पद पर पहुंच गए थे। दो दिन पूर्व असम के सिक्किम में पहाड़ी पर चढ़ते समय आक्सीजन की कमी से उनकी मृत्यु गई। बुधवार की रात जब उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो सभी की आंखे नम थी। सांसद राजकुमार चाहर और विधायक महेश गोयल ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। दोनों ने उन्हें कंधा दिया।

सैन्य सम्मान के साथ जयपाल का अंतिम संस्कार किया गया
सैन्य सम्मान के साथ जयपाल का अंतिम संस्कार किया गया

शव को देखकर बेटा बोला-पापा मैं भी फौज में जाऊंगा

इस दौरान वहां 'हिंदुस्तान जिंदाबाद और शहीद जयपाल जिंदाबाद' के नारे लग रहे थे। पिता,माता,पत्नी और बेटा सभी बुरी तरह रो रहे थे।जबकि बेटा हर बार कह रहा था, पापा मैं भी फौज में जाऊंगा। जयपाल का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बता दें कि चहरवाटी की खास बात है कि यहां अधिकांश युवा फौज की तैयारी करते हैं और सेना में जाकर देश की रक्षा करते हैं।

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