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आगरा में कोविड पर तपस्या अटैक:चिलचिलाती धूप में जलते गोबर के उपलों के बीच 7 दिन से अन्न-जल त्यागकर तप पर बैठा है ये साधु, 14 दिन तक ऐसे ही करेंगे जाप

आगरा2 महीने पहले
कोरोना वायरस के खात्मे के लिए तपस्या कर रहे साधु श्री श्री 1008 श्री गीता गिर बाबा।

देश में फैली वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की तीसरी लहर को रोकने के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है। वहीं, ताजनगरी आगरा में एक साधु महाराज कोरोना से निजात के लिए प्रार्थना करने अन्नजल त्याग कर तप पर बैठे हैं। बताया जा रहा है कि पिछले एक सप्ताह से साधु गर्मी के बीच तप कर रहे हैं और उनकी यह तपस्या 20 जून को गंगा दशहरा के दिन खत्म होगी।

मामला जनपद के जगनेर ब्लॉक के गांव सरेंधी का है। यहां स्थित महादेव मंदिर के पास ही एक साधु श्रीश्री 1008 गीता गिरि बाबा कोरोना महामारी की तीसरी लहर को रोकने, जनकल्याण और परमात्मा की प्राप्ति के लिए अन्नजल त्यागकर ईश्वर की तपस्या में लीन है। ये साधु 7 दिन से चिलचिलाती धूप में अपने चारों तरफ गोबर के उपलों की धूनी जलाकर तप पर बैठा हुआ है। सात दिन से इन्होंने अन्न-जल का त्याग किया हुआ है और अभी 14 दिन तक वो अन्नजल नहीं ग्रहण करेंगे।

साधु के कठोर तप की हो रही चर्चा
जगनेर कस्बे और उसके आस-पास के गांवों में इस समय साधु के तप की चर्चा हो रही है। लोग उनकी कठिन तपस्या को देखने के लिए भारी संख्या में आ रहे हैं। स्थानीय श्रद्धालु रोकी चंसोरिया ने बताया कि श्री श्री 1008 श्री गीता गिर बाबा 7 दिन से तप पर बैठे है। बाबा पहले भी अलग-अलग तरह से तप पर बैठ चुके हैं। इस बार इनकी तपस्या गंगा दशहरा के दिन पूर्ण होगी।

कई साधु कर चुके हैं तप, कुछ का अभी भी जारी
आगरा में तमाम साधु महात्मा कोरोना काल में तप पर बैठ चुके हैं। बीते साल इटौरा क्षेत्र में बाबा सर्दी में रात भर रखे 251 कलश से स्नान करते थे और गर्मी में आग के बीच तप करते थे। अभी कुछ दिन पहले शमशाबाद में एक साधु 51 दिन के तप पर बैठे हैं। ऐसे ही पिनाहट में भी साधु तप पर बैठ चुके हैं। इसके साथ ही जगह-जगह श्रद्धालु पूजा पाठ लगातार कर रहे हैं।

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